Power Crisis: जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में गहराते जल संकट और अघोषित बिजली कटौती को लेकर आम जनता का गुस्सा अब सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इस भीषण गर्मी के मौसम में नागरिकों को हो रही भारी असुविधा और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ विपक्षी दल कांग्रेस पूरी तरह से विधिक रूप से हमलावर हो गया है।
इसी कड़ी में शहर कांग्रेस कमेटी और युवा कांग्रेस के संयुक्त तत्वावधान में सरकार को जगाने के लिए एक विशाल और सांकेतिक ‘मशाल जुलूस’ निकाला गया। इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस ने बुनियादी सुविधाओं के ठप होने पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए स्थानीय प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ विधिक मोर्चा खोल दिया है।
दीनदयाल चौक से दमोह नाका तक निकला जुलूस, भारी संख्या में जुटे नागरिक
यह पूरा विरोध प्रदर्शन वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं जतिन राज और अन्नू तिवारी के कुशल नेतृत्व में आयोजित किया गया। हाथ में जलती हुई मशालें लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय प्रभावित नागरिकों का यह विशाल हुजूम दीनदयाल चौक से विधिक रूट पर रवाना हुआ।
गगनभेदी नारों और आक्रोशित प्रदर्शनकारियों के साथ यह जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए दमोह नाका तक पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार और बिजली विभाग (विद्युत मंडल) की तानाशाही व कुप्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना विधिक विरोध दर्ज कराया।
बिना आंधी-तूफान के घंटों गुल रहती है बत्ती, अधिकारी नहीं सुन रहे फरियाद
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा ने सरकार की जनविरोधी नीतियों पर तीखे विधिक प्रहार किए। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि एक तरफ सत्ताधारी दल जनता को चौबीस घंटे निर्बाध बिजली और घर-घर पानी देने के बड़े-बड़े विधिक और लोकलुभावन दावे करता है, वहीं दूसरी तरफ जबलपुर की जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट और भयावह है।
उन्होंने कहा कि इस चिलचिलाती धूप में बिना किसी आंधी-तूफान या तकनीकी खराबी के भी घंटों बिजली गुल रखी जा रही है, जिससे पेयजल आपूर्ति भी पूरी तरह बाधित हो गई है। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि जिम्मेदार अधिकारी जनता की शिकायतों पर कोई विधिक ध्यान नहीं दे रहे हैं।
नगर निगम और कलेक्ट्रेट का होगा उग्र घेराव, कांग्रेस ने दी तालाबंदी की चेतावनी
मशाल जुलूस के समापन पर कांग्रेस और युवा कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने स्थानीय प्रशासन को सख्त लहजे में अंतिम चेतावनी जारी की है। नेताओं ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि नगर सरकार (नगर निगम), जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार ने समय रहते इस विधिक बिजली-पानी की समस्या का त्वरित और स्थायी समाधान सुनिश्चित नहीं किया, तो पूरी कांग्रेस पार्टी आम जनता के साथ मिलकर कलेक्ट्रेट कार्यालय और नगर निगम मुख्यालय का उग्र घेराव करेगी। इसके साथ ही, विधिक रूप से अपनी मांगों को मनवाने के लिए बड़े पैमाने पर ‘तालाबंदी आंदोलन’ किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।







