RescueOperation: भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में देर रात मूसलाधार बारिश के बीच हनुमानगंज थाना पुलिस का एक बेहद सराहनीय और मानवीय चेहरा सामने आया है। क्षेत्र में गश्त कर रहे जांबाज पुलिस जवानों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए उफनते नाले के तेज बहाव और दलदल में फंसे एक 60 वर्षीय अज्ञात बुजुर्ग का सुरक्षित रेस्क्यू किया है।
यह पूरी घटना रात करीब 12 बजे की बताई जा रही है, जब चारों तरफ भारी सन्नाटा और तेज बारिश हो रही थी। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले रेस्क्यू ऑपरेशन का एक जीवंत वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसके बाद हर तरफ पुलिसकर्मियों की वीरता की जमकर सराहना हो रही है।
गश्त के दौरान गूंजी “बचाओ-बचाओ” की आवाज, मौके पर फरिश्ता बनकर पहुंचे आरक्षक
जानकारी के मुताबिक, हनुमानगंज थाने में पदस्थ आरक्षक मोहित शिवहरे और आरक्षक राजेंद्र रघुवंशी रोज की तरह छोला रोड क्षेत्र में अपनी विधिक रात्रि गश्त पर तैनात थे। इसके अलावा, जब वे पुट्टा मिल और अग्रवाल तिराहा के पास पहुंचे, तभी उन्हें अचानक पास के एक बड़े नाले से किसी के “बचाओ-बचाओ” चिल्लाने की बेहद कमजोर आवाज सुनाई दी।
खराब मौसम और घने अंधेरे के बावजूद दोनों आरक्षकों ने बिना एक पल गंवाए आवाज की दिशा में दौड़ लगा दी। मौके पर पहुंचने पर पुलिसकर्मियों ने देखा कि एक बुजुर्ग नाले के भीतर जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।
सिर पर लगी थी गंभीर चोट, उफनते नाले के तेज बहाव और दलदल में डूबा था शरीर
जवानों ने जब टॉर्च की रोशनी से नाले के भीतर देखा तो स्थिति बेहद भयावह थी। करीब 60 वर्ष की उम्र के एक अज्ञात बुजुर्ग नाले के तेज बहाव और जानलेवा दलदल के बीच पूरी तरह फंसे हुए थे। इसके साथ ही, गिरने के कारण उनके सिर पर गंभीर चोट लगी थी और घाव से लगातार खून बह रहा था।
चोट और अत्यधिक ठंड के कारण बुजुर्ग पूरी तरह सुध-बुध खो चुके थे और धीरे-धीरे दलदल के नीचे धंसते जा रहे थे। यही कारण है कि यदि पुलिसकर्मी वहां कुछ मिनट देरी से पहुंचते, तो कोई भी बड़ा और दुखद हादसा घटित हो सकता था।
जांबाज सिपाही ने नाले में उतरकर खींचा बाहर, सीपीआर देकर मुंह से लौटाईं थम रही सांसें
विपरीत विधिक परिस्थितियों को देखते हुए आरक्षक मोहित शिवहरे ने तुरंत अपनी सूझबूझ का परिचय दिया और स्वयं उफनते नाले के भीतर उतर गए। इसके विपरीत, आरक्षक राजेंद्र ने बाहर से सहारा देते हुए कड़ी मशक्कत के बाद बुजुर्ग को सुरक्षित रूप से नाले के दलदल से बाहर खींच निकाला।
नाले से बाहर लाने के बाद बुजुर्ग की सांसें लगभग थम चुकी थीं और उन्होंने कोई प्रतिक्रिया देना बंद कर दिया था। इसके बाद, जवानों ने तत्काल मौके पर ही बुजुर्ग को सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation) देना शुरू किया, जिससे उनके फेफड़ों में भरा पानी बाहर आ गया और उनकी सांसें वापस लौट आईं। अंततः, पुलिस ने एम्बुलेंस के माध्यम से बुजुर्ग को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भिजवाया है, जहां उनकी स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।







