Theft Investigation: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। जिला मुख्यालय के थाना चक्रधरनगर क्षेत्र अंतर्गत आने वाले वीआईपी और पॉश रहवासी क्षेत्र ‘ओम हाइट्स अपार्टमेंट’ से नकबजनी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। यहाँ एक सूने मकान को निशाना बनाते हुए अज्ञात चोरों ने लाखों की संपत्ति पर हाथ साफ कर दिया है। शनिवार, 27 जून 2026 की सुबह चोरी की इस हाई-प्रोफाइल वारदात की सूचना मिलते ही चक्रधरनगर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ जिला साइबर सेल, एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) के वैज्ञानिक और डॉग स्क्वॉड की विशेष कूटनीतिक टीमों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घटना स्थल का बेहद बारीकी से निरीक्षण किया और उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट्स) सहित कई महत्वपूर्ण तकनीकी साक्ष्य संकलित किए हैं।
इलाज कराने मुंबई गए हैं सेवानिवृत्त अधिकारी, नौकरानी ने दी पुलिस को सूचना
प्रारंभिक जांच और पुलिस से प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, ओम हाइट्स अपार्टमेंट के ब्लॉक/मकान नंबर 301 में रेशम उद्योग विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी राकेश श्रीवास्तव सपरिवार निवास करते हैं। श्री श्रीवास्तव पिछले वर्ष अक्टूबर माह से अपनी गंभीर बीमारी के इलाज के सिलसिले में पत्नी सहित मुंबई में रह रहे हैं। उनके लंबे प्रवास के दौरान मकान की देखरेख और साफ-सफाई की जिम्मेदारी उनकी घरेलू सहायिका चंद्रकांति देवांगन को सौंपी गई थी, जिसके पास फ्लैट की एक मुख्य चाबी रहती थी।
शनिवार सुबह जब घरेलू सहायिका चंद्रकांति हमेशा की तरह घर की साफ-सफाई करने के उद्देश्य से फ्लैट का दरवाजा खोलकर अंदर दाखिल हुई, तो उसके होश उड़ गए। घर के बेडरूम में रखी मुख्य आलमारी का लॉक टूटा हुआ था, लॉकर खुला था और पूरे घर का कीमती सामान, कपड़े व दस्तावेज फर्श पर बिखरे पड़े थे। सहायिका ने बिना देर किए अपार्टमेंट के सुरक्षाकर्मियों और तत्काल चक्रधरनगर थाना पुलिस को इस संगीन वारदात से अवगत कराया।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही साइबर सेल, संदिग्धों की तलाश तेज
चक्रधरनगर थाना प्रभारी ने बताया कि घरेलू सहायिका की लिखित रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात शातिर चोरों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और आबकारी/नकबजनी के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है। चूंकि गृहस्वामी राकेश श्रीवास्तव वर्तमान में मुंबई में हैं, इसलिए वास्तविक रूप से कितनी नगदी, सोने-चांदी के जेवरात अथवा कीमती दस्तावेज चोरी हुए हैं, इसका सटीक आकलन उनके रायगढ़ वापस लौटने और बयान दर्ज होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
फिलहाल, पुलिस की साइबर विंग अपार्टमेंट के प्रवेश और निकास द्वारों पर लगे सभी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज को खंगाल रही है। पिछले 48 घंटों के भीतर सोसाइटी में आने-जाने वाले संदिग्ध कबाड़ियों, बाहरी वेंडरों और नए चेहरों की सूची तैयार की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि फॉरेंसिक इनपुट्स और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर अज्ञात चोर गिरोह को बहुत जल्द बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।







