Operation Sindoor Martyrs: ऑपरेशन सिंदूर शहीद जवानों को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। करीब 13 महीने बाद पहली बार सरकार ने अभियान में शहीद हुए छह जवानों के नाम आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किए हैं। इन सभी वीर सैनिकों के नाम नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट के ‘रोल ऑफ ऑनर’ में दर्ज किए गए हैं।
ऑपरेशन सिंदूर शहीद जवानों के नाम अब राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की 3D वॉल पर वर्ष 2025 के खंड में भी अंकित किए गए हैं। यह स्मारक उन सैनिकों को समर्पित है जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। यहां हर शहीद का नाम, रैंक और यूनिट सम्मान के साथ दर्ज रहती है।
पहलगाम हमले के बाद शुरू हुआ था अभियान
ऑपरेशन सिंदूर शहीद अभियान की शुरुआत जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद हुई थी। 22 अप्रैल को हुए इस हमले में 26 पर्यटकों की जान गई थी। इसके जवाब में भारतीय सेना ने 6 और 7 मई की रात पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर सटीक कार्रवाई की थी।सरकार के अनुसार इस सैन्य अभियान में 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया था।
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दो शहीदों को मिला वीरता सम्मान
ऑपरेशन सिंदूर शहीद जवानों में शामिल दो वीरों को पहले ही मरणोपरांत वीरता पुरस्कार दिए जा चुके हैं। राइफलमैन सुनील कुमार को वीर चक्र से सम्मानित किया गया, जबकि सार्जेंट सुरेंद्र कुमार को मरणोपरांत वायु सेना मेडल प्रदान किया गया। यह सम्मान उनके साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण का प्रतीक माना गया।
9 आतंकी ठिकानों पर हुई थी सटीक कार्रवाई
ऑपरेशन सिंदूर शहीद अभियान के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े नौ प्रमुख आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था।इन ठिकानों में मुजफ्फराबाद, कोटली, भिम्बर, सियालकोट, मुरीदके और बहावलपुर जैसे इलाके शामिल थे। भारतीय सेना ने बताया था कि इन स्थानों का इस्तेमाल आतंकियों की भर्ती, प्रशिक्षण और हमलों की योजना बनाने के लिए किया जाता था।
भारत-पाकिस्तान के बीच चार दिन रहा तनाव
ऑपरेशन सिंदूर शहीद अभियान के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच करीब चार दिनों तक सैन्य तनाव बना रहा। दोनों देशों के बीच हवाई गतिविधियां भी तेज रहीं। बाद में 10 मई को दोनों देशों के सैन्य अभियान महानिदेशकों (DGMO) के बीच बातचीत के बाद सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी।
एयरबेस को भी पहुंचा था नुकसान
ऑपरेशन सिंदूर शहीद अभियान के दौरान भारत की कार्रवाई का असर पाकिस्तान के कई एयरबेस पर भी देखने को मिला। बाद में जारी सैटेलाइट तस्वीरों में सरगोधा, नूर खान, भोलारी और सुक्कुर एयरबेस पर हुए नुकसान की तस्वीरें सामने आई थीं। इन तस्वीरों ने अभियान की व्यापकता को भी दिखाया।
2019 में बना था राष्ट्रीय युद्ध स्मारक
ऑपरेशन सिंदूर शहीद जवानों के नाम अब उन हजारों वीर सैनिकों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिनका नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर दर्ज है। इंडिया गेट के पास बने इस स्मारक का उद्घाटन वर्ष 2019 में हुआ था। यहां स्वतंत्रता के बाद देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी सैनिकों को स्थायी सम्मान दिया जाता है।
देश हमेशा याद रखेगा इन वीरों का बलिदान
ऑपरेशन सिंदूर शहीद जवानों के नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में दर्ज होना केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की ओर से उनके सर्वोच्च बलिदान को सम्मान देने का प्रतीक है। यह आने वाली पीढ़ियों को भी उन वीर सैनिकों के साहस और समर्पण की याद दिलाता रहेगा, जिन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।







