Thursday, August 20, 2026
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CM Help line CG: मुख्यमंत्री के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे घरघोड़ा के अधिकारी: 19 जून के नोटिस और ‘CM हेल्पलाइन’ के बाद भी नहीं रुका अवैध निर्माण

CM Help line CG: गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा। छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री के ‘शून्य सहनशीलता’ (Zero Tolerance) के संकल्प और उनकी सबसे महत्वाकांक्षी ‘सीएम हेल्पलाइन’ योजना को घरघोड़ा नगर पंचायत के अधिकारी खुलेआम चुनौती दे रहे हैं। वार्ड क्रमांक 15 में कृषि भूमि पर माफियाओं द्वारा बनाए जा रहे विशाल अवैध व्यावसायिक गोदाम और दुकानों के मामले में स्थानीय प्रशासन की एक ऐसी गंभीर लापरवाही सामने आई है, जो सीधे राजधानी में बैठे उच्चाधिकारियों और स्वयं मुख्यमंत्री के आदेशों की अवहेलना है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस अवैध निर्माण को रोकने के लिए विभाग द्वारा बीती 19 जून को ही आधिकारिक नोटिस जारी कर दिया गया था, लेकिन धरातल पर आज तक निर्माण कार्य को बंद कराने के लिए किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर कदम तक नहीं रखा है।

गरीब पानी को तरस रहे, और रसूखदार सरकारी बोरवेल से सींच रहे अवैध निर्माण
इस पूरे मामले में एक और हैरान करने वाला और जन-विरोधी पहलू सामने आया है। एक तरफ जहां भीषण गर्मी में क्षेत्र के गरीब ग्रामीण और आम नागरिक पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इस अवैध व्यावसायिक गोदाम और दुकानों को खड़ा करने के लिए शासकीय संपत्ति पर सरेआम डाका डाला जा रहा है। भूमाफिया द्वारा इस अवैध निर्माण कार्य में धड़ल्ले से ‘सरकारी बोरवेल’ के पानी का बेधड़क इस्तेमाल किया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने जब सरकारी पानी की इस चोरी और अवैध निर्माण पर आपत्ति जताई और नगर पंचायत में इस अवैध निर्माण की शिकायत की, तो उनकी फरियाद को सीधे कूड़ेदान में डाल दिया गया। स्थानीय अमले की इस मूक सहमति ने साफ कर दिया है कि रसूखदारों के आगे नियम-कानून पूरी तरह बौने साबित हो रहे हैं।

 

 

सीएम हेल्पलाइन की शिकायत भी बेअसर, मुख्यमंत्री के विज़न को पलीता लगा रहा स्थानीय अमला
जब स्थानीय स्तर पर नगर पंचायत के अधिकारियों ने नागरिकों की शिकायतों पर पूरी तरह से कान बंद कर लिए, तब मजबूर होकर सजग नागरिकों ने मुख्यमंत्री सचिवालय के मुख्य हेल्पलाइन पर सीधे शिकायत दर्ज कराई। शासन के निर्देश और पत्र क्रमांक 25/2026 के माध्यम से स्थानीय प्रशासन को कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी मिले। लेकिन मुख्यमंत्री के सख्त और संवेदनशील विज़न को पलीता लगाने में जुटे घरघोड़ा के अधिकारियों ने केवल कागजी खानापूर्ति करते हुए नोटिस क्रमांक 552 तो जारी कर दिया, पर मौके पर चल रहे काम को रोकने की जहमत नहीं उठाई। नतीजा यह है कि मुख्यमंत्री के कड़े रुख के बावजूद मौके पर अभी भी धड़ल्ले से अवैध निर्माण की दीवारें ऊंची की जा रही हैं।

शारदा देवी अग्रवाल के खसरे पर रसूख का खेल, क्या चलेगा मुख्यमंत्री का बुलडोजर?
राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार, वार्ड क्रमांक 15 स्थित खसरा नंबर 403/27 और 403/28 की कुल 0.0850 हेक्टेयर कृषि भूमि श्रीमती शारदा देवी अग्रवाल के नाम दर्ज है। बिना किसी डायवर्शन (व्यपवर्तन) और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की मंजूरी के इस कृषि जोत पर कंक्रीट का अवैध साम्राज्य खड़ा किया जा रहा है। 19 जून से लेकर अभी तक अधिकारियों की रहस्यमयी चुप्पी यह चीख-चीख कर बयां कर रही है कि पर्दे के पीछे भूमाफिया और भ्रष्ट तंत्र का गठजोड़ कितना मजबूत है। अब क्षेत्र की पीड़ित जनता सीधे मुख्यमंत्री जी से गुहार लगा रही है कि ऐसे लापरवाह अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए और मुख्यमंत्री के आदेशों की धज्जियां उड़ाने वाले इस अवैध ढांचे पर अविलंब बुलडोजर चलाकर शासकीय बोरवेल को माफिया के चंगुल से मुक्त कराया जाए।

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