Mauganj News: मऊगंज। मध्य प्रदेश के नवनिर्मित मऊगंज जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाली खबर सामने आई है। जिले के सुप्रसिद्ध देवतालाब शिव मंदिर के ठीक पीछे स्थित हरिजन बस्ती में डायनामाइट जैसी अत्यधिक खतरनाक विस्फोटक सामग्री मिलने की सूचना से पूरे इलाके में हड़कंप और सनसनी मच गई है। चूंकि यह संदिग्ध सामग्री एक अत्यंत प्रतिष्ठित और आस्था के केंद्र ‘शिव मंदिर’ से कुछ ही दूरी पर बरामद हुई है, इसलिए सूचना मिलते ही पुलिस महकमा तुरंत हाई अलर्ट पर आ गया और आनन-फानन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल मौके पर रवाना किया गया।
संगम लाल साकेत ने दी सूचना, पूरे इलाके को पुलिस ने लिया सुरक्षा घेरे में
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना मऊगंज जिले के लौर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले देवतालाब शिव मंदिर के पीछे की है। यहां की बस्ती में रहने वाले स्थानीय निवासी संगम लाल साकेत ने सबसे पहले अपने घर के पीछे कुछ संदिग्ध और घातक दिखने वाली विस्फोटक सामग्री को देखा। मामले की भयावहता को भांपते हुए उन्होंने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय लौर थाना पुलिस को दी।
धार्मिक स्थल के समीप विस्फोटक मिलने की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP) तत्काल दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए सबसे पहले एहतियात के तौर पर पूरे इलाके को खाली कराया और पूरे परिसर को अपने सुरक्षा घेरे (कॉर्डन ऑफ) में ले लिया, ताकि किसी भी अप्रिय घटना या जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।
रीवा से बुलाई गई विशेष बम स्क्वॉड, FSL रिपोर्ट का इंतजार
मामले की संवेदनशीलता और बारूद की प्रकृति को समझने के लिए रीवा से बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS) की विशेष तकनीकी टीम को आपातकालीन संदेश भेजकर मौके पर बुलाया गया। रीवा से पहुंची बम स्क्वॉड की टीम ने घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और बेहद सावधानीपूर्वक तथा तकनीकी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए उस संदिग्ध विस्फोटक सामग्री को अपने सुरक्षित कब्जे में ले लिया।
स्थानीय स्तर पर शुरुआती जांच के बाद अब इस सामग्री को वैज्ञानिक परीक्षण और गहन विश्लेषण के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजने की मुकम्मल तैयारी की जा रही है। वैज्ञानिक जांच के बाद ही यह पूरी तरह से स्पष्ट हो पाएगा कि बरामद की गई सामग्री असल में किस श्रेणी का केमिकल या बारूद है और वह कितनी विनाशकारी या खतरनाक क्षमता रखती थी।
पुलिस ने दर्ज की FIR, हर पहलू पर पैनी नजर
मऊगंज की अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP) सची पाठक ने मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि जैसे ही पुलिस को इस विस्फोटक सामग्री के संबंध में इनपुट मिला, तत्काल त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई। पुलिस ने इस पूरे प्रकरण को बेहद संज्ञान में लेते हुए संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। घटनास्थल और उसके आसपास के क्षेत्रों से मिले सभी छोटे-बड़े साक्ष्यों को विस्तृत जांच के दायरे में शामिल किया गया है।
एसडीओपी सची पाठक ने स्पष्ट किया कि पुलिस अभी किसी भी अंतिम निष्कर्ष या जल्दबाजी में किसी थ्योरी पर पहुंचने से बच रही है। फिलहाल वैज्ञानिक फोरेंसिक रिपोर्ट (FSL Report) और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर ही आगे की कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब इस यक्ष प्रश्न का उत्तर तलाश रही है कि आखिर इतनी संवेदनशील जगह पर यह बारूद कैसे पहुंचा, इसे वहां रखने का वास्तविक उद्देश्य क्या था और इसके पीछे किस आपराधिक या असामाजिक तत्व का हाथ है।







