CG Raigarh Crime: गौरी शंकर गुप्ता/ रायगढ़ | रायगढ़ जिले में सोशल मीडिया के जरिए नाबालिगों को जाल में फंसाकर अपराध करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिला पुलिस द्वारा महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे विशेष “अभियान संवेदना” के तहत कापू थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दुष्कर्म के आरोपी को महज कुछ ही घंटों में धर दबोचा। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर सीधे जेल (न्यायिक रिमांड) भेज दिया है।
आरोपी का पुराना रिकॉर्ड: साल 2024 में भी आरोपी ने पीड़िता के साथ छेड़छाड़ की थी, जिसकी रिपोर्ट कापू थाने में पहले से दर्ज थी।
CG Raigarh Crime: वारदात का पूरा घटनाक्रम: शादी में गए थे माता-पिता, पीछे से बुना जाल
कापू थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर (FIR) के अनुसार, पूरी घटना इस तरह घटित हुई:
CG Raigarh Crime: घर से अचानक गायब हुई बेटी: 20 जून 2026 की रात पीड़िता के माता-पिता गांव में ही एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। देर रात जब वे लौटे और सुबह सोकर उठे, तो उनकी 14 साल की बेटी घर पर नहीं थी।
CG Raigarh Crime: आरोपी के घर मिली नाबालिग परिजनों ने जब आसपास खोजबीन शुरू की, तो बालिका गांव के ही आरोपी अभिषेक टंडन के घर पर मिली। परिजन उसे वापस घर लेकर आए और कड़ाई से पूछताछ की।
CG Raigarh Crime: नदी किनारे बुलाकर दरिंदगी: पीड़िता ने रोते हुए बताया कि 20 जून की शाम लगभग 7 बजे अभिषेक ने उसे इंस्टाग्राम पर मैसेज भेजकर गांव की नदी के पास बुलाया था। वहां आरोपी ने उसे डराया-धमकाया और जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद वह उसे अपने घर ले गया, जहां रात में भी उसकी मर्जी के खिलाफ दोबारा दुष्कर्म किया।
CG Raigarh Crime: एक्शन में पुलिस: त्वरित तफ्तीश और कानूनी शिकंजा
मामले की संवेदनशीलता और पीड़िता की उम्र को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कापू पुलिस ने बिना वक्त गंवाए कड़ी कार्रवाई की:
CG Raigarh Crime: महिला अधिकारी के समक्ष बयान पीड़िता को मानसिक संबल देने के लिए एक महिला पुलिस अधिकारी द्वारा उसके बयान दर्ज किए गए ताकि वह बिना किसी डर के अपनी बात रख सके।
मेडिकल टेस्ट: रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में पीड़िता का त्वरित चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया।
CG Raigarh Crime: घेराबंदी कर आरोपी गिरफ्तार: पुलिस की एक विशेष टीम ने आरोपी अभिषेक टंडन के ठिकाने पर अचानक दबिश देकर उसे हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद 24 जून की शाम उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया और कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया।
इन पुलिस अफसरों की रही मुख्य भूमिका
CG Raigarh Crime: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी और एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन में इस केस को सुलझाने में मुख्य भूमिका रही:
उप निरीक्षक इगेश्वर यादव (थाना प्रभारी, कापू)
प्रधान आरक्षक: सुमेश गोस्वामी, लक्ष्मी कैवर्त, देवलाल राठिया एवं हमराह स्टाफ।
एसएसपी रायगढ़ का कड़ा संदेश
“CG Raigarh Crime: महिलाओं और बालिकाओं के सम्मान तथा सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की ‘जीरो टॉलरेंस’ (शून्य सहनशीलता) नीति है। सोशल मीडिया के जरिए बच्चियों को निशाना बनाने वाले अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों में हर शिकायत पर पुलिस त्वरित और कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी ताकि समाज में कानून का डर बना रहे।”







