World Record Jashpur: जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली अवांछित मौतों को कम करने के लिए चलाया गया एक अभिनव पुलिसिंग अभियान आज इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। जशपुर पुलिस ने एक ही दिन में जिले के सभी 766 गांवों में एक साथ जन चौपाल आयोजित कर यातायात नियमों और हेलमेट जागरूकता का संदेश सुदूर अंचलों तक पहुंचाया है। इस अभूतपूर्व और अनूठी सामाजिक पहल के लिए जशपुर पुलिस का नाम प्रतिष्ठित ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में आधिकारिक रूप से दर्ज कर लिया गया है। इस ऐतिहासिक गौरवशाली उपलब्धि के मुख्य सूत्रधार जशपुर के पुलिस कप्तान, डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. लाल उमेद सिंह रहे हैं, जिनकी दूरदर्शी सोच और जनभागीदारी आधारित पुलिसिंग मॉडल ने एक सामान्य जागरूकता अभियान को विश्व रिकॉर्ड में तब्दील कर दिया।
जब ट्रेडिशनल पुलिसिंग बनी सामाजिक जनआंदोलन की ताकत
आमतौर पर पुलिस प्रशासन की भूमिका केवल अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने तक ही सीमित मानी जाती है। हालांकि, जशपुर जिले में एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने पुलिसिंग को सामाजिक सकारात्मक परिवर्तन का एक मजबूत माध्यम बना दिया है। उन्होंने क्षेत्र के सड़क हादसों में होने वाली असमय मौतों को बेहद गंभीरता से लिया और यह संकल्प लिया कि हेलमेट पहनना केवल एक कानूनी नियम न रहे, बल्कि यह जीवन बचाने का एक संस्कार बन जाए। इसी मानवीय सोच के साथ शुरू हुआ हेलमेट जागरूकता अभियान धीरे-धीरे प्रशासनिक अमले की कोशिशों से पूरे जिले का एक बड़ा जनआंदोलन बन गया। इसके तहत पुलिस अधिकारी स्वयं गांव-गांव पहुंचे, चौपालें लगाईं और ग्रामीणों को समझाया कि हेलमेट चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि घर सुरक्षित लौटने के लिए जरूरी है।
एक ही दिन में 766 गांवों में चौपाल, आश्चर्यचकित रह गई दुनिया
बीते 24 जून 2026 को सुबह 10:00 बजे से लेकर शाम 05:00 बजे तक जशपुर जिले के सभी 766 गांवों में एक ही समय पर विशाल जन चौपाल का आयोजन किया गया था। प्रत्येक ग्राम में पुलिस अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों और हजारों ग्रामीणों की सक्रिय मौजूदगी में सड़क सुरक्षा तथा हेलमेट के महत्व पर गंभीर चर्चा हुई। इतने व्यापक और सघन पैमाने पर एक ही दिन के भीतर जनजागरूकता अभियान चलाना अपने आप में पूरी तरह से अभूतपूर्व था। इस पूरे महाअभियान की कड़े मानकों पर निगरानी और मैदानी परीक्षण करने के बाद ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ ने इसे अपनी विश्व स्तरीय मान्यता दी और जशपुर पुलिस को आधिकारिक प्रमाण पत्र व मेडल प्रदान किया।
10 हजार नागरिकों की हेलमेट रैली और 60 हजार लोगों की सामूहिक शपथ
इस ऐतिहासिक अभियान की रूपरेखा काफी समय पहले तैयार कर ली गई थी। इसकी शुरुआत पूर्व में 18 अप्रैल 2026 को एक विशाल हेलमेट जागरूकता रैली के साथ हुई थी। जिले के विभिन्न संवेदनशील और प्रमुख क्षेत्रों में निकाली गई इन रैलियों में 10 हजार से अधिक आम नागरिकों ने अपनी स्वेच्छा से भाग लिया था। इतना ही नहीं, सुरक्षा के इस सफर में जशपुर पुलिस ने अब तक जिले के 60 हजार से अधिक लोगों को सड़क सुरक्षा की बकायदा सामूहिक शपथ भी दिलाई है। इस अभियान के तहत विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने, चार पहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाने और किसी भी स्थिति में नशे में वाहन न चलाने के लिए जमीनी स्तर पर जागरूक किया गया।
मुख्यमंत्री के वीडियो संदेश से लेकर अंतिम व्यक्ति तक बनी जनभागीदारी
इस विजनरी अभियान की सबसे बड़ी व्यावहारिक सफलता यह रही कि यह केवल पुलिस विभाग का कोई बंद कमरा कार्यक्रम बनकर नहीं रहा, बल्कि जनभागीदारी का एक साझा उत्सव बन गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री, जिले के प्रभारी मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, विभिन्न शासकीय विभागों के कर्मचारियों और 3 हजार से अधिक समाज के गणमान्य नागरिकों ने बकायदा अपने वीडियो संदेश जारी कर आम जनता से हेलमेट पहनने की भावुक अपील की। सोशल मीडिया के विभिन्न डिजिटल माध्यमों से यह सुरक्षा संदेश जिले के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक बहुत ही प्रभावी ढंग से पहुंचा।
‘जशपुर पुलिस मितान’ नेटवर्क और ‘सुरक्षा अधिकारी’ बने रीढ़ की हड्डी
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह की इस पूरी सफलता के पीछे उनका एक और अभिनव प्रयोग रहा, जिसे ‘जशपुर पुलिस मितान’ मॉडल कहा जाता है। वर्तमान में जिले के भीतर लगभग 5 हजार ‘पुलिस मितान’ ग्राम स्तर पर पुलिस प्रशासन और आम जनता के बीच आपसी विश्वास का एक मजबूत सेतु बनकर कार्य कर रहे हैं। यही जमीनी नेटवर्क इस पूरे विश्व रिकॉर्ड अभियान की रीढ़ की हड्डी साबित हुआ। इसके अलावा, जशपुर पुलिस ने अपनी परंपरागत बीट प्रणाली को अत्यधिक मजबूत करते हुए हर एक गांव के लिए एक समर्पित पुलिस अधिकारी या कर्मचारी को ‘सुरक्षा अधिकारी’ के रूप में नियुक्त किया है। यह सुरक्षा अधिकारी गाँव में केवल अपराध नियंत्रण ही नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा, जनजागरूकता और ग्रामीणों की रोजमर्रा की समस्याओं के त्वरित समाधान में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाता है।
पुलिस कप्तान ने पूरी टीम और जशपुर की जनता को समर्पित किया सम्मान
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड का आधिकारिक मेडल और प्रमाण पत्र प्राप्त होने के बाद डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने अत्यंत सादगी से इस महान सफलता का पूरा श्रेय जशपुर पुलिस के प्रत्येक मैदानी अधिकारी-कर्मचारी, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और समर्पित पुलिस मितानों को दिया। उन्होंने पूर्ण विश्वास जताया कि यह सुरक्षा अभियान आने वाले दिनों में जिले की सड़क दुर्घटनाओं के ग्राफ में भारी कमी लाएगा और हेलमेट पहनने की आदत को यहाँ की लोक-संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा बनाएगा। जशपुर पुलिस की यह ऐतिहासिक मुहिम साबित करती है कि जब प्रशासनिक दृढ़ इच्छाशक्ति, सकारात्मक पुलिसिंग और जनता का साथ एक साथ मिलते हैं, तो परिणाम विश्व रिकॉर्ड के रूप में समाज के सामने आते हैं।







