US Iran Tensions: अमेरिका ईरान तनाव के बीच अमेरिकी राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी सीनेट ने एक प्रस्ताव पारित कर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने की मांग की है। इस फैसले ने अमेरिका ईरान तनाव को लेकर नई बहस छेड़ दी है और वॉशिंगटन में राजनीतिक माहौल गर्मा गया है।50-48 वोटों से पारित इस प्रस्ताव को कुछ रिपब्लिकन सांसदों का भी समर्थन मिला, जिससे ट्रम्प की पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए।
अमेरिका ईरान तनाव के बीच पारित यह प्रस्ताव इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि लंबे समय बाद अमेरिकी संसद के दोनों सदनों ने किसी राष्ट्रपति की युद्ध संबंधी नीति पर सवाल उठाए हैं।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला केवल विदेश नीति का मुद्दा नहीं है, बल्कि अमेरिका की आंतरिक राजनीति पर भी असर डाल सकता है।
व्हाइट हाउस ने क्या कहा?
हालांकि अमेरिका ईरान तनाव पर आए इस प्रस्ताव को लेकर व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि इसका कोई कानूनी प्रभाव नहीं होगा। प्रशासन का कहना है कि सैन्य कार्रवाई पहले ही समाप्त हो चुकी है और प्रस्ताव केवल राजनीतिक संदेश भर है।इसके बावजूद यह मुद्दा अमेरिकी राजनीति में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
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खाड़ी देशों को मनाने में जुटा अमेरिका
इसी बीच अमेरिका ईरान तनाव से जुड़े घटनाक्रमों के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो खाड़ी देशों के दौरे पर निकल गए हैं। उनका उद्देश्य सहयोगी देशों की चिंताओं को समझना और उन्हें भरोसा दिलाना है।बताया जा रहा है कि ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर कई देशों में आशंकाएं बनी हुई हैं। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
ट्रम्प ने सीनेट वोटिंग पर जताई नाराजगी
अमेरिका ईरान तनाव के बीच राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सीनेट में हुई वोटिंग गलत समय पर हुई है। उन्होंने दावा किया कि ईरान इस समय कमजोर स्थिति में है और बातचीत के लिए तैयार दिखाई दे रहा है।ट्रम्प का कहना है कि ऐसे समय में आया यह संदेश अमेरिका की बातचीत की स्थिति को प्रभावित कर सकता है।
ईरान ने परमाणु निगरानी पर दिया नया बयान
अमेरिका ईरान तनाव के बीच ईरान ने भी बड़ा बयान जारी किया है। तेहरान ने कहा है कि फिलहाल उसके परमाणु ठिकानों पर अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण बहाल करने की कोई योजना नहीं है।ईरानी अधिकारियों ने कहा कि इस संबंध में अभी कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है और भविष्य का निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा संस्थाओं की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा।
भारतीयों के लिए नई एडवाइजरी
अमेरिका ईरान तनाव को देखते हुए ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने भी नई एडवाइजरी जारी की है। भारतीय नागरिकों से कहा गया है कि वे दूतावास के साथ अपना पंजीकरण कराएं और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें।दूतावास ने नागरिकों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह मानने की भी अपील की है।
आगे क्या होगा?
अमेरिका ईरान तनाव आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति का बड़ा मुद्दा बना रह सकता है। एक तरफ अमेरिका के भीतर राजनीतिक मतभेद सामने आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान और खाड़ी देशों की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।अब सबकी नजर इस बात पर है कि सीनेट के प्रस्ताव, ईरान के रुख और ट्रम्प प्रशासन की अगली रणनीति से पश्चिम एशिया की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।









