Monday, September 28, 2026
Home Lifestyle धान के साथ मछली पालन, एक ही खेत से होगी दोहरी कमाई!...

धान के साथ मछली पालन, एक ही खेत से होगी दोहरी कमाई! किसानों के लिए शानदार मॉडल

Paddy Fish Farming: धान के साथ मछली पालन किसानों के लिए कम लागत में ज्यादा कमाई का बेहतरीन तरीका बनकर उभर रहा है। खरीफ सीजन में जहां किसान बड़े पैमाने पर धान की खेती करते हैं, वहीं अब विशेषज्ञ उन्हें धान के साथ मछली पालन अपनाने की सलाह दे रहे हैं। इस तकनीक से किसान एक ही खेत से चावल और मछली दोनों का उत्पादन कर सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार धान के साथ मछली पालन केवल अतिरिक्त आय का जरिया नहीं है, बल्कि इससे धान की फसल को भी फायदा मिलता है। खेत में मौजूद मछलियां कई हानिकारक कीटों और छोटे जीवों को खा जाती हैं, जिससे फसल को नुकसान कम होता है।इसी वजह से धान के साथ मछली पालन को टिकाऊ और लाभदायक खेती मॉडल माना जाता है।

किन खेतों में सबसे ज्यादा फायदा?
धान के साथ मछली पालन उन खेतों में अधिक सफल माना जाता है जहां लंबे समय तक पानी भरा रहता है। गहरे खेत, निचले क्षेत्र और तालाब के पास स्थित धान के खेत इस तकनीक के लिए उपयुक्त माने जाते हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर धान के साथ मछली पालन करने से मछलियों का विकास बेहतर होता है और किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त होती है।
Rice-fish system - Wikipediaइस तरह तैयार करें खेत
सफल धान के साथ मछली पालन के लिए खेत के लगभग 10 प्रतिशत हिस्से में एक गहरा ट्रेंच या छोटा तालाबनुमा गड्ढा तैयार किया जाता है। जब खेत में पानी कम होता है, तो मछलियां उसी हिस्से में सुरक्षित पहुंच जाती हैं।बारिश और सिंचाई के दौरान मछलियां पूरे खेत में घूमती रहती हैं, जिससे धान के साथ मछली पालन का पूरा लाभ मिलता है।

Cultivating fishes with paddy: A new recipe for farm prosperity in  Maharashtra | India News - The Indian Express

धान की फसल को कैसे मिलता है फायदा?
विशेषज्ञ बताते हैं कि धान के साथ मछली पालन से खेत की उर्वरता भी बढ़ती है। मछलियों का मल-मूत्र प्राकृतिक खाद का काम करता है और पौधों को जरूरी पोषक तत्व उपलब्ध कराता है।इसके अलावा मछलियां कीटों और खरपतवारों को नियंत्रित करने में मदद करती हैं। यही कारण है कि धान के साथ मछली पालन करने वाले किसानों का रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर खर्च कम हो सकता है।

Why rice and fish make a productive mix for farmers | The Independentकौन-कौन सी मछलियां पाल सकते हैं?
धान के साथ मछली पालन में ऐसी प्रजातियों का चयन किया जाता है जो कम गहरे पानी और बदलते मौसम में आसानी से जीवित रह सकें।इसके लिए रोहू, कतला, कॉमन कार्प और ग्रास कार्प जैसी मछलियां उपयुक्त मानी जाती हैं। ये प्रजातियां तेजी से बढ़ती हैं और बाजार में अच्छी कीमत भी दिलाती हैं।
Read more: कम पानी में भी होगी धान की खेती! किसान अपनाएं ये ख़ास तकनीक, फसल रहेगी सुरक्षित

पैदावार बढ़ाने में भी मददगार
विशेषज्ञों का दावा है कि धान के साथ मछली पालन करने से खेत में ऑक्सीजन का स्तर बेहतर बना रहता है। इससे धान के पौधों की वृद्धि पर सकारात्मक असर पड़ता है।कई क्षेत्रों में किए गए प्रयोगों में धान के साथ मछली पालन से धान की पैदावार में 10 से 15 प्रतिशत तक वृद्धि देखने को मिली है।
Polyculture Fish Farming Pond Indiaकृषि विभाग भी कर रहा जागरूक
कृषि विभाग किसानों को धान के साथ मछली पालन के फायदे बता रहा है। कई जिलों में इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं ताकि किसान इस मॉडल को अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकें।विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में धान के साथ मछली पालन किसानों की आय बढ़ाने का एक मजबूत विकल्प बन सकता है।

किसानों के लिए क्यों फायदेमंद है यह मॉडल?
एक ही खेत से चावल और मछली दोनों का उत्पादन, कम लागत, बेहतर पैदावार और अतिरिक्त आमदनी जैसे फायदे धान के साथ मछली पालन को खास बनाते हैं। यही वजह है कि यह तकनीक देश के कई राज्यों में तेजी से लोकप्रिय हो रही है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here