Drunk Driving Fine: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन पर रायगढ़ पुलिस ने सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए एक बड़ा चेकिंग अभियान शुरू किया है। एडिशनल एसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन और डीएसपी यातायात उत्तम प्रताप सिंह के नेतृत्व में यातायात पुलिस की विशेष टीम ने ब्रीथ एनालाइजर के जरिए शहर के प्रमुख चौराहों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सघन जांच की। इस दौरान सारंगढ़ रोड ओडिशा हाईवे पर गोगा राइस मिल के पास 5 भारी वाहन चालक शराब के नशे में धुत होकर ट्रक चलाते पाए गए, जिन पर पुलिस और कोर्ट ने मिलकर कड़ी कार्रवाई की है।
कोर्ट ने सोमवार को सुनाया सख्त फैसला
इसके अलावा, यातायात पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए रविवार को पकड़े गए इन सभी 5 चालकों के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट (एमवी एक्ट) की धारा 185 के तहत कड़ा इस्तगासा तैयार किया था। पुलिस टीम ने सोमवार को इन सभी आरोपियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट रायगढ़ के न्यायालय में पेश किया। मामले की गंभीरता और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, माननीय न्यायालय ने सभी पांचों भारी वाहन चालकों पर 10,000-10,000 रुपये का भारी अर्थदंड (जुर्माना) लगाया है।
धारा 185 के तहत जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान
इसके साथ ही, यातायात पुलिस ने आम जनता और चालकों को सचेत करते हुए बताया कि मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत शराब या किसी भी नशीले पदार्थ के प्रभाव में वाहन चलाना एक बेहद गंभीर और गैर-जमानती श्रेणी का अपराध है। इसमें पहली बार अपराध सिद्ध होने पर चालक को छह महीने तक की जेल या 10,000 रुपये का जुर्माना अथवा दोनों सजाएं एक साथ हो सकती हैं। हालांकि, यदि कोई चालक तीन वर्ष के भीतर दोबारा यही गलती दोहराता है, तो उसे दो वर्ष तक का कारावास या 15,000 रुपये का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।
ड्राइविंग लाइसेंस भी हो सकता है निरस्त
हालांकि, कानूनी प्रावधानों के अनुसार इस अपराध में दोषी पाए जाने पर चालक का ड्राइविंग लाइसेंस हमेशा के लिए निलंबित या पूरी तरह निरस्त भी किया जा सकता है। इसके विपरीत, यदि नशे की हालत में वाहन चलाने के कारण कोई गंभीर सड़क दुर्घटना होती है, तो आरोपी चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अन्य गैर-जमानती और प्राणघातक धाराएं भी जोड़ दी जाती हैं। फलस्वरूप, पुलिस इस अभियान को राष्ट्रीय राजमार्गों पर और अधिक आक्रामक बनाने जा रही है।
एसएसपी का संदेश: सड़क सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
अंततः, इस बड़ी दंडात्मक कार्रवाई के बाद एसएसपी शशि मोहन सिंह ने जिले के सभी वाहन चालकों को एक कड़ा और संवेदनशील संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे की हालत में भारी या हल्के वाहन चलाना एक अक्षम्य सामाजिक और कानूनी अपराध है, जो न सिर्फ चालक की अपनी जान बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य निर्दोष लोगों की जिंदगी को भी सीधे तौर पर खतरे में डालता है। एसएसपी ने अपील की है कि सभी नियमों का सख्ती से पालन करें। सड़क सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले रसूखदारों और चालकों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस का यह महाअभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ लगातार जारी रहेगा।









