Perfect Bhatura Recipe: अक्सर घरों में त्योहारों या वीकेंड पर जब छोले-भटूरे बनाने की तैयारी होती है, तो महिलाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती भटूरों को बाजार जैसा परफेक्ट टेक्सचर देने की होती है। कई बार पूरा प्रयास करने और आटा सही होने के बावजूद भटूरे या तो पूरी की तरह सख्त रह जाते हैं या फिर कढ़ाई के गर्म तेल में जाते ही फूलने के बजाय नीचे बैठ जाते हैं। यदि आपके साथ भी रसोई में अक्सर ऐसी ही समस्या आती है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। फूड एक्सपर्ट्स के अनुसार, भटूरे का परफेक्ट न होना आटा गूंथने (डो प्रिपरेशन) के दौरान की जाने वाली छोटी-छोटी गलतियों का नतीजा होता है। कुछ खास सामग्री के सही अनुपात और सही तरीके को अपनाकर आप घर पर ही बिल्कुल ढाबा स्टाइल नरम और गुब्बारे जैसे फूले हुए भटूरे तैयार कर सकते हैं।
केवल मैदा काफी नहीं; दही, गुनगुना दूध और चीनी का कॉम्बो है असली सीक्रेट
ज्यादातर लोग भटूरे का आटा गूंथते समय सिर्फ पानी का इस्तेमाल करते हैं, जो कि सबसे बड़ी तकनीकी चूक है। भटूरों को लंबे समय तक मुलायम और स्पंजी बनाए रखने के लिए मैदे में पर्याप्त मात्रा में गाढ़ा दही और हल्का गुनगुना दूध मिलाना बेहद फायदेमंद माना जाता है। दही और दूध का यह रासायनिक मिश्रण मैदे के ग्लूटेन को एक्टिव करता है और आटे को अत्यधिक लचीला (नरम) बनाता है। इसके कारण तलने के बाद भटूरे अंदर से जालीदार व स्पंजी बनते हैं और बाहर से हल्के कुरकुरे। इसके साथ ही, आटे में चुटकीभर चीनी (शक्कर) जरूर मिलानी चाहिए; चीनी तलने के दौरान मैदे को कैरामेलाइज करती है, जिससे भटूरों पर बाजार जैसा खूबसूरत और आकर्षक सुनहरा (गोल्डन) रंग आता है।

फर्मेंटेशन के लिए चुटकीभर बेकिंग सोडा और एक घंटे का आराम है जरूरी
हलवाइयों की खास ट्रिक: भटूरों के अच्छी तरह फूलने का पूरा विज्ञान उसके खमीर (फर्मेंटेशन) पर निर्भर करता है। आटा गूंथते समय उसमें चुटकीभर बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करें। ध्यान रहे कि सोडा की मात्रा बहुत अधिक न हो, अन्यथा भटूरे तलते समय बहुत ज्यादा तेल सोख लेंगे। सबसे जरूरी बात यह है कि आटा गूंथने के तुरंत बाद कभी भी भटूरे नहीं बनाने चाहिए। आटे को किसी गीले सूती कपड़े या ढक्कन से ढककर कम से कम 30 मिनट से लेकर 1 घंटे तक के लिए अलग (रेस्ट पर) रख दें। इस ‘रेस्टिंग पीरियड’ के दौरान आटे में नेचुरल फर्मेंटेशन होता है, जो भटूरों को परफेक्ट शेप में फूलने में मदद करता है।

बेलने का तरीका और तेल का सही तापमान भी बदल देता है पूरा गेम
आटा सही गूंथने के बाद अंतिम चरण भटूरे को बेलना और तलना होता है। भटूरों को कभी भी सामान्य पूरी की तरह बहुत ज्यादा पतला नहीं बेलना चाहिए। इन्हें हल्का सा मोटा रखने पर इनके भीतर हवा (स्टीम) अच्छी तरह भरती है और ये कढ़ाई में जाते ही तुरंत फूल जाते हैं। इसके अलावा, तलने के लिए इस्तेमाल होने वाले कुकिंग ऑयल का तापमान भी बेहद सटीक होना चाहिए। अगर तेल पर्याप्त गर्म नहीं होगा, तो भटूरे कभी नहीं फूलेंगे और वे पूरी तरह ऑयली हो जाएंगे। वहीं दूसरी ओर, जरूरत से ज्यादा खौलते हुए तेल में डालने पर भटूरे अंदर से कच्चे रह जाएंगे और ऊपर से तुरंत जलकर भूरे हो जाएंगे। इसलिए मीडियम-हाई फ्लेम पर धुंआ निकलने से ठीक पहले के गर्म तेल में ही भटूरों को तलना सर्वश्रेष्ठ परिणाम देता है।









