Bilaspur Coal Theft 2026: बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर में कोयले के अवैध काले कारोबार और मिलावटखोरी के खिलाफ पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिले की सकरी पुलिस ने दीपका कोल माइन्स से निकले उच्च श्रेणी के कोयले की चोरी कर उसमें घटिया कोयला मिलाने के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी अजय कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को कोनी क्षेत्र में घेराबंदी कर दबोचा और वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। गौरतलब है कि इस हाई-प्रोफाइल कोयला चोरी मामले में पुलिस पहले ही 6 अंतरराज्यीय और स्थानीय आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है।
लैब टेस्टिंग में खुली थी कोयला चोरी और मिलावट की पोल
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले का खुलासा प्रार्थी आरके पाण्डेय की शिकायत के बाद हुआ था, जिन्होंने सिरगिट्टी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, 9 जून को दीपका कोल माइन्स से ‘एफ/जी ग्रेड’ का कीमती कोयला भाटिया एनर्जी एण्ड कोल बेनिफिकेशन (लोखंडी) के लिए रवाना किया गया था। 10 जून को फुजैल अंसारी, आशिक हुसैन और फजल अंसारी अलग-अलग ट्रेलरों में इस कोयले को लेकर प्लांट पहुंचे। लेकिन जब प्लांट की लैब में इस कोयले की जांच की गई, तो वह एफ/जी ग्रेड का नहीं पाया गया, जिससे अधिकारियों के कान खड़े हो गए।
बालाजी कोल ट्रेडिंग के संचालक और सुपरवाइजर का था नेक्सस
जब संदेह के आधार पर ट्रेलर चालकों से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने एक चौंकाने वाले रैकेट का खुलासा किया। चालकों ने बताया कि रास्ते में ही ‘बालाजी कोल ट्रेडिंग एण्ड कंस्ट्रक्शन’ के संचालक और प्लांट के सुपरवाइजर की मिलीभगत से असली उच्च श्रेणी का कोयला चोरी कर लिया गया और उसकी जगह ट्रेलरों में घटिया दर्जे का मिक्स कोयला लोड कर दिया गया, ताकि वजन बराबर रहे।
झारखंड के तस्करों समेत 6 आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल
प्रार्थी की रिपोर्ट पर पुलिस ने तत्काल गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज कर ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू की थी। इससे पहले पुलिस ने झारखंड निवासी ट्रेलर चालकों आशिक हुसैन अंसारी (23 वर्ष), फैजान रजा अंसारी (23 वर्ष), फुजैल अंसारी (28 वर्ष) के साथ-साथ स्थानीय मददगारों गौरव राजपूत (28 वर्ष, बिलासपुर), सीबु खान (29 वर्ष, बिलासपुर) और दिलीप कुमार यादव (36 वर्ष, दुर्ग) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले में बिलासपुर जिला निवासी अजय कुमार सिंह (36 वर्ष) घटना के बाद से लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था, जिसे सकरी पुलिस ने सायबर सेल की मदद से कोनी के पास दबोच लिया। पुलिस अब इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य कड़ियों की तलाश कर रही है।









