Recruitment Scam: जबलपुर। स्वास्थ्य विभाग में ग्रुप-डी आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव आशीष मिश्रा ने भर्ती में भारी अनियमितता, भ्रष्टाचार और नियमों की अनदेखी के आरोप लगाते हुए संभागीय कमिश्नर कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने पूरे मामले को युवाओं के साथ अन्याय बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है।
Recruitment Scam: आशीष मिश्रा ने क्षेत्रीय संचालक, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को दिए गए शिकायत पत्र में आरोप लगाया है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। शिकायत के अनुसार, डॉ. आदर्श विश्नोई ने चयन समिति की अनुमति और पारदर्शी प्रक्रिया के बिना बड़े पैमाने पर नियुक्तियां कर दीं।
314 पदों के विरुद्ध 496 नियुक्तियों का आरोप
Recruitment Scam: शिकायत में कहा गया है कि कलेक्टर स्तर से कुल 314 पदों की स्वीकृति प्रदान की गई थी, लेकिन इसके बावजूद कथित रूप से 496 ग्रुप-डी कर्मचारियों की नियुक्ति कर दी गई। आरोप है कि यह भर्ती निर्धारित नियमों के विपरीत की गई और इसमें चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
सेडमैप से केवल 57 का चयन, बाकी नियुक्तियों पर सवाल
Recruitment Scam: सपा नेता के अनुसार, सेडमैप के माध्यम से केवल 57 अभ्यर्थियों का विधिवत चयन किया गया था, जबकि शेष नियुक्तियां कथित रूप से निजी एजेंसियों जेयूस इंटरप्राइजेस और ओम पारस मैनपावर सर्विस के जरिए की गईं। शिकायत में दावा किया गया है कि चयन सूची में ऐसे लोगों के नाम भी शामिल किए गए जिन्होंने न तो ऑनलाइन आवेदन किया था और न ही साक्षात्कार प्रक्रिया में भाग लिया था।
प्रति अभ्यर्थी 40 हजार रुपये लेने का आरोप
Recruitment Scam: आशीष मिश्रा ने भर्ती प्रक्रिया में आर्थिक लेन-देन के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उनका दावा है कि नौकरी दिलाने के नाम पर प्रति अभ्यर्थी 40 हजार रुपये तक की राशि वसूली गई, जिससे करीब 1.5 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार की आशंका जताई जा रही है।
चयन सूची पर हस्ताक्षरों को लेकर भी सवाल
Recruitment Scam: शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि चयन सूची पर चयन समिति के सभी सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं थे। इसके अलावा आरोप लगाया गया कि सीएमएचओ कार्यालय को दरकिनार करते हुए चयन सूची जारी की गई, जिससे पूरी प्रक्रिया की वैधता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
भर्ती प्रक्रिया रद्द करने और एफआईआर की मांग
Recruitment Scam: समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव ने संभागीय कमिश्नर कार्यालय में ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही विवादित भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर योग्य और वंचित अभ्यर्थियों के लिए नई भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।
Recruitment Scam: उन्होंने यह भी मांग की है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी डॉ. आदर्श विश्नोई को सेवा से बर्खास्त किया जाए तथा उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर एफआईआर की कार्रवाई की जाए।
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जांच की मांग से बढ़ी हलचल
Recruitment Scam: भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।









