Bageshwar Sarkar Birthday: छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित सुप्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ स्थल बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का आगामी जन्मदिन इस वर्ष बेहद अनूठे और सेवाभावी ढंग से मनाया जाएगा। आगामी चार जुलाई को उनके जन्म उत्सव के पावन अवसर पर पूरे देश और विदेशों में फैले उनके करोड़ों अनुयायी इस दिन को ज्ञान दान ध्यान दिवस के रूप में मनाएंगे। बागेश्वर धाम समिति और स्थानीय प्रशासन ने इस बड़े धार्मिक और सामाजिक आयोजन को लेकर अपनी प्रारंभिक तैयारियां बहुत तेजी से शुरू कर दी हैं। इस विशेष दिन का मुख्य उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक चेतना का विस्तार करना और जरूरतमंदों की वास्तविक सेवा करना निर्धारित किया गया है।
इस घोषणा के बाद से ही देश के विभिन्न राज्यों में सक्रिय बागेश्वर धाम के भक्त मंडलों में भारी उत्साह और सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। भक्तों ने अपने-अपने शहरों और गांवों में इस दिन होने वाले लोक कल्याणकारी कार्यों की विस्तृत सूची बनानी भी शुरू कर दी है।
तड़क-भड़क के बजाय पूरी तरह सेवा कार्यों पर रहेगा जोर
आमतौर पर बड़े धार्मिक गुरुओं के जन्मदिन पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम और लाखों की भीड़ वाले आयोजन देखने को मिलते हैं। इसके विपरीत बागेश्वर सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस बार एक नई और प्रेरक मिसाल पेश करने का मन बनाया है। उन्होंने अपने शिष्यों को कड़े निर्देश दिए हैं कि इस बार उनके जन्मदिन पर किसी भी तरह का आडंबर या फिजूलखर्ची बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। यही कारण है कि चार जुलाई की तारीख को पूरी तरह से रचनात्मक और मानवीय सरोकारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
इस दिन को ज्ञान दान ध्यान दिवस का नाम दिया गया है जो अपने आप में शिक्षा और साधना का एक अद्भुत समन्वय प्रस्तुत करता है। इसके अंतर्गत समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े गरीब परिवारों के बच्चों को निशुल्क शिक्षा सामग्री, कॉपियां और ज्ञानवर्धक पुस्तकें वितरित की जाएंगी।
सामूहिक ध्यान शिविरों से युवाओं को जोड़ने की अनूठी पहल
ज्ञान दान ध्यान दिवस के अंतर्गत केवल भौतिक वस्तुओं का दान ही शामिल नहीं है, बल्कि मानसिक और आत्मिक शांति के लिए भी बड़े प्रयास किए जाएंगे। चार जुलाई को देश के सैकड़ों शहरों में सुबह के समय सामूहिक ध्यान और योग शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों के माध्यम से आज की युवा पीढ़ी को तनाव मुक्त जीवन जीने और सनातन संस्कृति की प्राचीन ध्यान पद्धतियों से परिचित कराने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके साथ ही बागेश्वर धाम परिसर में भी एक विशाल और भव्य आध्यात्मिक सत्र का आयोजन किया जाएगा जिसमें हजारों साधक एक साथ बैठकर मौन साधना और प्रभु नाम का सिमरन करेंगे। इस अनूठी पहल को लेकर देश के बड़े संतों और विद्वानों ने भी अपनी प्रसन्नता व्यक्त की है और इसे समाज सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।
अस्पतालों में भोजन वितरण और बड़े पैमाने पर होगा पौधरोपण
इस महाअभियान के अंतर्गत सेवा कार्यों का दायरा बहुत व्यापक रखा गया है। चार जुलाई को देश के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को निशुल्क पौष्टिक भोजन और फल वितरित किए जाएंगे। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान भी चलाया जाएगा। प्रत्येक भक्त को संकल्प दिलाया जाएगा कि वह इस दिन कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसके पेड़ बनने तक उसकी पूरी देखभाल करने की जिम्मेदारी भी उठाए।
छतरपुर जिला प्रशासन ने भी बागेश्वर धाम में चार जुलाई को उमड़ने वाली संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की कवायद शुरू कर दी है। देश-विदेश से आने वाले वीआईपी मेहमानों और आम श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष पंडाल और पार्किंग स्थल बनाए जा रहे हैं।
पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने भक्तों से की विशेष भावुक अपील
बागेश्वर सरकार ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने तमाम भक्तों से एक बेहद भावुक अपील भी साझा की है। उन्होंने साफ लफ्जों में कहा है कि उनका कोई भी भक्त उनके लिए कोई महंगा उपहार, माला या बुके लेकर छतरपुर न आए। इसके स्थान पर वे अपने घर के पास की किसी भी गरीब बस्ती में जाएं और वहां भूखों को भोजन कराएं तथा अनाथ बच्चों की शिक्षा में मदद करें।
यदि कोई भक्त ऐसा करता है तो वही उनके लिए जन्मदिन का सबसे सच्चा और अनमोल उपहार माना जाएगा। अंततः, चार जुलाई को आयोजित होने वाला यह ज्ञान दान ध्यान दिवस केवल एक व्यक्ति के जन्म का उत्सव न रहकर पूरे समाज के कल्याण का एक बड़ा उत्सव बनने जा रहा है जिसकी चर्चा अभी से हर तरफ होने लगी है।









