CM Helpline CG: रायपुर। छत्तीसगढ़ की आम जनता के लिए आज का दिन एक बेहद ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य में पारदर्शिता बढ़ाने और आम नागरिकों व प्रशासन के बीच की दूरी को पूरी तरह समाप्त करने के लिए बहुप्रतीक्षित “CM हेल्पलाइन नंबर 1076” की आधिकारिक शुरुआत कर दी है। इस नई व्यवस्था के लागू होने से प्रदेश के दूरदराज इलाकों में रहने वाले लोग भी अपनी विभिन्न शासकीय समस्याओं और विभागों की मनमानी को लेकर सीधे शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इस टोल-फ्री नंबर के माध्यम से आम नागरिकों की बात और उनकी पीड़ा अब बिना किसी बिचौलिए के सीधे मुख्यमंत्री सचिवालय तक पहुंचेगी।
महानदी भवन में हुआ शुभारंभ, मुख्यमंत्री ने किया हाईटेक कॉल सेंटर का निरीक्षण
मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नया रायपुर के सीबीडी (सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट) में नवनिर्मित अत्याधुनिक सीएम हेल्पलाइन कॉल सेंटर का विस्तृत निरीक्षण किया। वहाँ कार्यरत कर्मचारियों से चर्चा कर उन्होंने पूरी तकनीकी कार्यप्रणाली को समझा। रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ के नागरिकों को राज्य के इतिहास में पहली बार अपनी चिंताएं और शिकायतें सीधे सूबे के मुखिया तक पहुंचाने का यह सुलभ माध्यम मिला है। यह अभिनव पहल प्रदेश में जवाबदेही तय करने और भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन स्थापित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।
घूसखोरी, लचर सफाई और पुलिसिया लापरवाही पर तुरंत दर्ज होगी शिकायत
इस नए प्लेटफ़ॉर्म के जरिए नागरिक जीवन से जुड़ी तमाम छोटी-बड़ी समस्याओं को दर्ज कराया जा सकता है। शासन द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यदि किसी क्षेत्र में सफाई सेवाओं में भारी लापरवाही हो रही हो, सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिलने में देरी हो रही हो, स्थानीय पुलिस द्वारा किसी पीड़ित की जायज एफआईआर दर्ज करने से साफ इनकार किया जा रहा हो, किसी सरकारी दफ्तर या कर्मचारी द्वारा काम के बदले रिश्वत की मांग की जा रही हो या फिर बुजुर्गों के साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार हो रहा हो, तो नागरिक बेझिझक इस हेल्पलाइन का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा नागरिक आधिकारिक सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर जरूरी सहायक दस्तावेज अपलोड करके ऑनलाइन भी अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप चैटबॉट से भी लैस है यह सुविधा
इस नवनिर्मित हेल्पलाइन की सबसे बड़ी तकनीकी खासियत इसका “मल्टी-चैनल” तरीका है। लोग न सिर्फ टोल-फ्री नंबर 1076 पर चौबीसों घंटे कॉल करके अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं, बल्कि सरकार द्वारा विकसित विशेष वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और आधुनिक व्हाट्सएप चैटबॉट के जरिए भी अपनी बात भेज सकते हैं। राज्य सरकार ने सख्त लहजे में स्पष्ट किया है कि उनका पूरा जोर सिर्फ कागजों पर शिकायतों का औपचारिकता के लिए निपटारा करने के बजाय, तय समय सीमा (टाइम लिमिट) के अंदर जनता को उच्च स्तर का गुणवत्तापूर्ण समाधान देने पर होगा। इस व्यवस्था की मॉनिटरिंग खुद मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा की जाएगी।









