Gariyaband Sand Mining: गरियाबंद / दुर्ग। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश भर में खनिज संसाधनों के अवैध उत्खनन, अवैध परिवहन एवं अवैध भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए लगातार बेहद सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में खनिज साधन विभाग की केंद्रीय खनि उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय संयुक्त टीम द्वारा जिला गरियाबंद में एक बहुत बड़ी और प्रभावी छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। खनिज विभाग के सचिव और संचालक के कड़े निर्देशानुसार केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने आठ जून दो हजार छब्बीस को औचक निरीक्षण के दौरान जिला गरियाबंद के तहसील राजिम के अंतर्गत आने वाले ग्राम कुरुसकेरा स्थित पवित्र पैरी नदी में गौण खनिज साधारण रेत के अवैध उत्खनन का एक बड़ा मामला पकड़ा है।
पैरी नदी में मशीनों से नियम विरुद्ध हो रहा था भारी उत्खनन
जांच टीम ने मौके पर पाया कि खदान संचालक द्वारा नियमों को पूरी तरह ताक पर रखकर पैरी नदी के भीतर भारी-भरकम मशीनों के माध्यम से नियम विरुद्ध रेत का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से कराया जा रहा था। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खान एवं खनिज विकास एवं विनियमन अधिनियम की धारा इक्कीस के तहत कड़ा एक्शन लिया। पुलिस और आबकारी के सहयोग से मौके पर मौजूद तीन विशाल चैन माउंटेन मशीनों को तत्काल जब्त कर पूरी तरह सील कर दिया गया है। इसके साथ ही खदान संचालक एवं संबंधित मशीन मालिकों को तय समय सीमा के भीतर अपना वैधानिक जवाब प्रस्तुत करने हेतु कड़ा नोटिस जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त रेत के अवैध परिवहन में संलिप्त एक बड़े हाईवा वाहन को भी जब्त कर राजिम थाना परिसर में सुरक्षार्थ खड़ा कराया गया है।
दुर्ग जिले में ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा दे रहा है प्रशासन
दूसरी ओर दुर्ग जिले से कृषि क्षेत्र की एक बेहद सकारात्मक खबर सामने आई है। केंद्र एवं राज्य शासन की महत्वाकांक्षी नेशनल मिशन ऑन एडीबल ऑयल योजना के अंतर्गत जिले में ऑयल पाम की व्यावसायिक खेती को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी सिलसिले में दुर्ग कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आज धमधा विकासखण्ड के ग्राम कंदई और धौराभाठा पहुंचकर ऑयल पाम खेती का जमीनी निरीक्षण किया। ग्राम कंदई में कृषक पवन कुमार साहू, तुमेन्द्र कांत साहू और विश्वदीप साहू द्वारा कुल सात दशमलव पैंतालीस हेक्टेयर रकबे में से दो हेक्टेयर क्षेत्र में ऑयल पाम का सफल पौधरोपण किया जा चुका है और शेष क्षेत्र में भी अगले दो दिनों में पौधरोपण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
जैविक डेयरी फार्म और ड्रैगन फ्रूट के बगीचों की कलेक्टर ने की सराहना
कलेक्टर श्री सिंह ने इसके बाद ग्राम धौराभांठा के कृषक नवीन लोहान एवं श्रीमती लतिका शर्मा के चार हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित ऑयल पाम प्रक्षेत्र का अवलोकन किया। उन्होंने लगभग पांच सौ एकड़ खेत में लगाए गए विदेशी ड्रैगन फ्रूट, आम की विभिन्न उन्नत किस्मों, मौसंबी, पपीता, अमरूद, केला तथा जल संरक्षण के लिए विशेष रूप से निर्मित बड़े तालाब की तकनीकी व्यवस्था को देखा। इस दौरान उन्होंने धौराभांठा में स्थित ‘एसजे फार्म’ का भी बारीकी से निरीक्षण किया, जो कि जिले का सबसे बड़ा जैविक और हाई-टेक डेयरी फार्म है। यहाँ मुख्य रूप से भारतीय मूल की गिर नस्ल की गायें पाली जाती हैं। कलेक्टर ने डेयरी फार्म में गायों को अपने हाथों से गुड़ खिलाया और किसानों को शासन द्वारा दिए जा रहे भारी अनुदान का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।









