Dewas Mata Tekri: देवास में बड़ा हादसा टला: तेज आंधी-बारिश में माता टेकरी स्थित बड़ी माता मंदिर का छज्जा गिरा

VIKASH KHALKHO

Dewas Mata Tekri: देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले की प्रसिद्ध और आस्था का मुख्य केंद्र मानी जाने वाली माता टेकरी से शनिवार को एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। जिले में शनिवार को अचानक मौसम के बदले मिजाज के बाद आई तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश के कारण माता टेकरी पर स्थित ‘बड़ी माता तुलजा भवानी मंदिर’ के छज्जे का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। छज्जे का भारी-भरकम मलबा सीधे मंदिर परिसर के सामने वाले मुख्य हिस्से में आकर गिरा, जिससे वहां तेज हवाओं के कारण आसपास लगे लोहे और टीन के शेड भी हवा में उड़ गए। गनीमत यह रही कि इस बेहद खराब मौसम के चलते हादसे के समय मंदिर के उस प्रभावित हिस्से में कोई भी श्रद्धालु या दर्शनार्थी मौजूद नहीं था, अन्यथा एक बहुत बड़ी और दर्दनाक दुर्घटना घटित हो सकती थी।

तुलजा भवानी मंदिर के पुजारियों से प्राप्त प्राथमिक जानकारी के अनुसार, इस अचानक हुए हादसे में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है और न ही किसी के घायल होने की सूचना है। बताया जा रहा है कि मंदिर का जो हिस्सा ढहा है, वह करीब 20 वर्ष पुराना था और लंबे समय से रख-रखाव के अभाव में कमजोर हो चुका था। स्थानीय नागरिकों और भक्तों में इस बात को लेकर भारी हैरानी और आक्रोश है कि माता टेकरी के इन अतिसंवेदनशील मंदिरों की पूरी देखरेख और प्रबंधन सीधे जिला प्रशासन की निगरानी में की जा रही है, इसके बावजूद मंदिर के इस जर्जर और खतरनाक हो चुके हिस्से पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया।

मंदिर के मुख्य पुजारियों ने प्रशासनिक उदासीनता पर सीधे सवाल खड़े करते हुए कहा कि मंदिर की इस दयनीय स्थिति और भविष्य में होने वाले संभावित खतरे को लेकर पूर्व में कई बार लिखित और मौखिक रूप से जिला प्रशासन को अवगत कराया गया था। लेकिन, हर बार की तरह इस बार भी अधिकारियों द्वारा कोई आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, जिसका नतीजा आज इस मलबे के रूप में सबके सामने है।

गौरतलब है कि देवास का माता टेकरी क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से भी बेहद संवेदनशील है। इससे पहले भी इस पहाड़ी क्षेत्र से बड़े-बड़े पत्थर और चट्टानें नीचे गिरने की गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे नीचे से गुजरने वाले श्रद्धालुओं की जान पर हमेशा बन आती है। ऐसे में एक प्रतिष्ठित मंदिर के मुख्य छज्जे का इस तरह ढह जाना यहां की संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्थाओं और प्रशासनिक मुस्तैदी पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करता है। हालांकि, इस हादसे में चमत्कारी रूप से सभी सुरक्षित हैं, लेकिन यह घटना प्रशासन के लिए एक स्पष्ट और अंतिम चेतावनी है कि मंदिर परिसर के सभी पुराने, जर्जर और कमजोर हिस्सों की तत्काल प्रभाव से तकनीकी जांच कराई जाए और युद्धस्तर पर उनकी मरम्मत का कार्य शुरू किया जाए, ताकि भविष्य में होने वाले किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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