Sunday, September 27, 2026
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पहले प्रदीप झा अब चंद्रनाथ! करीबियों पर हमलों का लंबा इतिहास…13 साल में सुवेंदु के 4 करीबी बने निशाना

Chandranath Rath Murder Case :पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हमले में उनके ड्राइवर को भी गोली लगी है, जिसकी हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद बंगाल बीजेपी कार्यकर्ताओं और नेताओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने मध्यमग्राम इलाके के दोहरिया के पास चंद्रनाथ रथ की SUV को रोककर ताबड़तोड़ फायरिंग की। करीब 12 से 15 राउंड गोलियां चलाई गईं, जिनमें से कई गोलियां रथ को लगीं। घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।

2013 से अब तक सुवेंदु अधिकारी के 4 करीबी बने निशाना

चंद्रनाथ रथ की हत्या पहली ऐसी घटना नहीं है। पिछले एक दशक में सुवेंदु अधिकारी के कई करीबी सहयोगियों की मौत रहस्यमय परिस्थितियों में हो चुकी है, जिससे राजनीतिक साजिश और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

प्रदीप झा की रहस्यमयी मौत ने खड़े किए थे सवाल

साल 2013 में सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट और राजनीतिक सचिव रहे प्रदीप झा मृत पाए गए थे। कोलकाता के स्ट्रैंड रोड पर वह बेहोशी की हालत में मिले थे, जिसके बाद अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत की असली वजह आज तक साफ नहीं हो पाई।

शुभब्रत चक्रवर्ती केस बना था राजनीतिक विवाद

साल 2018 में सुवेंदु अधिकारी की सुरक्षा टीम से जुड़े शुभब्रत चक्रवर्ती पुलिस बैरक में गोली लगने से घायल मिले थे। अगले दिन अस्पताल में उनकी मौत हो गई। शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन परिवार ने कई सवाल उठाए। बाद में यह मामला CID जांच तक पहुंच गया और राजनीतिक विवाद का विषय बन गया।

2021 में पुलक लाहिड़ी की मौत भी बनी चर्चा

सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी पुलक लाहिड़ी की मौत 2021 में हुई थी। उस दौरान बंगाल चुनाव के बाद कई राजनीतिक हिंसा के मामलों की जांच चल रही थी। हालांकि, इस मामले में सार्वजनिक रूप से ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई।

चंद्रनाथ रथ हत्याकांड से फिर गरमाई बंगाल की राजनीति

चंद्रनाथ रथ 2019 से सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी माने जाते थे और उनकी राजनीतिक गतिविधियों को संभालते थे। उनकी हत्या के बाद बीजेपी ने राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

राजनीतिक गलियारों में इस घटना को बंगाल की बढ़ती सियासी हिंसा से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हमलावरों की तलाश की जा रही है।

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