रिपोर्ट – मनीष ऋषीश्वर, भिंड: भिंड में 12 जून 2025 को कलेक्ट्रेट परिसर में हुए एक प्रदर्शन के दौरान भड़काऊ भाषण और प्रशासनिक अधिकारियों को धमकाने के मामले में आजाद समाज पार्टी के दो प्रमुख नेताओं—दामोदर यादव और सतेन्द्र विद्रोही—के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यह कार्रवाई कलेक्टर के आदेश पर की गई है और इसमें जाति आधारित वैमनस्य फैलाने, अपमानजनक भाषा, और Noise Control Act के उल्लंघन जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
कलेक्टर को खुले मंच से धमकी
प्रदर्शन के दौरान दामोदर यादव ने मंच से भिंड कलेक्टर को खुलेआम धमकी देते हुए कहा, “अगर दोबारा ऐसी नालायकी की, तो मुख्यमंत्री तुम्हें प्रदेश के जिस कोने में बैठाएगा, वहां आकर तुम्हारी ऐसी तैसी करूंगा।”
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन किसानों की जमीनों को लेकर साजिश रच रहा है और चेतावनी दी कि अगर जमीन नहीं लौटाई गई, तो वे सम्मान की सीमाएं भी तोड़ देंगे। उनका भाषण आपत्तिजनक, उग्र और जातीय उकसावे से भरा हुआ था।
ध्वनि नियंत्रण अधिनियम का उल्लंघन
इस प्रदर्शन के दौरान लाउडस्पीकर के प्रयोग पर स्पष्ट प्रतिबंध के बावजूद आयोजकों ने इसका उल्लंघन किया। इसके तहत कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए आयोजकों पर भी कानूनी कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं।
गंभीर धाराओं में केस दर्ज
कोर्ट और कलेक्टर के आदेश पर दर्ज एफआईआर में भड़काऊ भाषण, सार्वजनिक शांति भंग करने का प्रयास, जातीय विद्वेष फैलाने, और सरकारी अधिकारी को धमकाने जैसी IPC की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, और अन्य आयोजकों की भूमिका की भी छानबीन की जा रही है।
प्रशासन का सख्त रुख
भिंड कलेक्टर ने कहा है कि- “ऐसे भाषण समाज में अशांति फैलाते हैं, और प्रशासन इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। यह केवल एक प्रशासनिक अधिकारी की सुरक्षा का सवाल नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मर्यादा का भी मामला है।”
जांच के बाद और गिरफ़्तारियां संभव
प्रारंभिक जांच में कुछ और नाम भी सामने आ रहे हैं जिनके खिलाफ साक्ष्य मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों में अराजकता फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।













