Sunday, August 30, 2026
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सलासर बालाजी धाम में गूंजी आस्था! प्रभात आरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

Salasar Balaji Aarti Live
Salasar Balaji Aarti Live

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क :राजस्थान के चूरू जिले में स्थित प्रसिद्ध सलासर बालाजी धाम में गुरुवार तड़के प्रभात आरती का भव्य आयोजन किया गया। सूर्योदय से पहले जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, पूरा परिसर “जय श्री बालाजी” और “हनुमान जी की जय” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। इस पावन अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे।

सुबह-सुबह दिखा आस्था का अद्भुत नजारा

प्रातःकालीन समय में मंदिर परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष वातावरण देखने को मिला। भक्तजन भगवान बालाजी के दर्शन कर भाव-विभोर नजर आए। हर ओर भक्ति, श्रद्धा और मंत्र-जप की गूंज ने माहौल को अत्यंत पवित्र बना दिया।

वैदिक विधि से संपन्न हुई आरती

सुबह करीब 6 बजे पुजारियों द्वारा शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ प्रभात आरती की गई। इस दौरान शंखध्वनि, घंटियों की मधुर ध्वनि और वैदिक मंत्रों के उच्चारण ने वातावरण को दिव्यता से भर दिया। दीपों की रोशनी और हवन की सुगंध ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव से भर दिया।

अभिषेक और आकर्षक श्रृंगार के दर्शन

आरती से पहले भगवान बालाजी का जल, चंदन, पुष्प और तुलसी से विधिवत अभिषेक किया गया। इसके बाद किए गए श्रृंगार ने भक्तों का मन मोह लिया। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं के चेहरों पर संतोष और आनंद साफ झलक रहा था।

भजन-कीर्तन में लीन श्रद्धालु

मंदिर परिसर में भक्त भजन-कीर्तन और मंत्र-जप में लीन दिखाई दिए। श्रद्धालुओं ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना की। मान्यता है कि प्रभात आरती के दर्शन से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

लाइव दर्शन और व्यवस्थाएं

जो श्रद्धालु धाम तक नहीं पहुंच सके, उन्होंने मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से लाइव दर्शन किए। प्रशासन द्वारा सुरक्षा, स्वच्छता और भीड़ नियंत्रण के लिए व्यापक इंतजाम किए गए, जिससे पूरी व्यवस्था सुचारू बनी रही।

आस्था का प्रमुख केंद्र

सलासर बालाजी धाम देशभर के हनुमान भक्तों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना के पूर्ण होने की मान्यता है। प्रभात आरती का यह आयोजन सनातन परंपरा और अटूट विश्वास का प्रतीक बनकर सामने आया है।

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