Skill Training : रायपुर। नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति स्थापना और पुनर्वास को नई गति देते हुए जिला प्रशासन ने आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। नक्सलवादी आत्मसमर्पित, पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 के तहत जिला कौशल विकास प्राधिकरण एवं लाइवलीहुड कॉलेज नारायणपुर द्वारा प्रशिक्षित 79 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण पूरा करने पर कुल 10 लाख 33 हजार 965 रुपये की प्रोत्साहन राशि चेक के रूप में वितरित की गई। यह सभी युवा सोनपुर, अबूझमाड़ और कोंडागांव जैसे जिले के दूरस्थ क्षेत्रों से संबंधित हैं।
जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर ने प्रशिक्षणार्थियों को ड्राइविंग, प्लंबिंग, सिलाई और अन्य आजीविका आधारित ट्रेडों में प्रशिक्षण पूरा करने पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस प्रोत्साहन राशि का उपयोग परिवार की जरूरतों, बच्चों की शिक्षा तथा कृषि और रोजगार संबंधी कार्यों में किया जाए, ताकि युवा मुख्यधारा में मजबूती से कदम बढ़ा सकें।
महिला प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने स्व-सहायता समूहों से जुड़कर सिलाई कार्य को संगठित रूप से बढ़ाने और आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया। वहीं प्लंबिंग प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूप स्थापना, मरम्मत और जल आपूर्ति से जुड़े कार्यों में योगदान देने का सुझाव दिया, जिससे गांवों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
इस दौरान कलेक्टर ने बढ़ते ऑनलाइन धोखाधड़ी मामलों पर सतर्क रहने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि किसी अज्ञात कॉल, लिंक या संदेश पर भरोसा न करें और ओटीपी, एटीएम पिन या बैंक संबंधी जानकारी किसी से साझा न करें। किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत बैंक या प्रशासन को सूचित करने की अपील की गई।
कार्यक्रम के अंत में सभी 79 युवाओं को चेक वितरित किए गए और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया। यह पहल आत्मसमर्पित नक्सलियों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में प्रशासन का सराहनीय प्रयास मानी जा रही है।









