Monday, August 17, 2026
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MLA लैड्स पोर्टल पर अब तक 60 कार्यों की अनुशंसा, बाकी 6 विधायकों ने मिलाकर किए केवल 14 कार्य

बाकी 6 विधायकों ने मिलाकर किए केवल 14 कार्य
बाकी 6 विधायकों ने मिलाकर किए केवल 14 कार्य

रायपुर | छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू किए गए एमएलए लैड्स पोर्टल को रायपुर जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है। यह पोर्टल विधायकों को अपनी निधि से स्वीकृत कराए जाने वाले कार्यों की पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के लिए पहले से मौजूद एमपी लैड्स पोर्टल की तर्ज पर तैयार किए गए इस पोर्टल पर रायपुर जिले के सातों विधानसभा क्षेत्रों के विधायक अब ऑनलाइन कार्यों की अनुशंसा कर रहे हैं।

मूणत ने दिखाई सबसे अधिक सक्रियता

पोर्टल पर अब तक 74 कार्यों की अनुशंसा की गई है, जिनमें से 60 कार्य अकेले रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत ने किए हैं। इन कार्यों की कुल लागत लगभग 54 लाख 50 हजार रुपए बताई जा रही है। राजेश मूणत ने जिन कार्यों की अनुशंसा की है, उनमें से अधिकतर स्कूलों में शुद्ध और ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वाटर कूलर की खरीद से संबंधित हैं।

अन्य विधायक पीछे

अन्य छह विधायकों की ओर से अब तक केवल 14 कार्यों की अनुशंसा की गई है। इनमें सबसे आगे हैं अभनपुर के विधायक इंदकुमार साहू, जिन्होंने 7 कार्यों के लिए अनुशंसा की है। वहीं रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू ने 3 कार्य, जबकि धरसींवा के अनुज शर्मा, रायपुर उत्तर के पुरंदर मिश्रा, रायपुर दक्षिण के सुनील सोनी और आरंग के गुरु खुशवंत साहेब ने केवल 1-1 कार्य की अनुशंसा की है।

निधि व्यय का पूरा ब्योरा पोर्टल पर

एमएलए लैड्स पोर्टल पर प्रत्येक कार्य से संबंधित जानकारी – जैसे कार्य की अनुशंसा, स्वीकृति, प्रगति रिपोर्ट और निधि व्यय – पूरी पारदर्शिता के साथ उपलब्ध रहेगी। पोर्टल पर विधायक निधि की गाइडलाइन, जारी फंड, निर्माण कार्यों की स्थिति और रिपोर्टिंग सिस्टम जैसी जानकारियाँ भी सम्मिलित हैं।

निर्माण एजेंसी का निर्धारण होगा ऑटोमेटिक

पोर्टल की खासियत यह है कि किसी भी स्वीकृत कार्य की जिम्मेदारी स्वतः संबंधित क्षेत्र की सरकारी निर्माण एजेंसी को सौंप दी जाएगी। नगर निगम, नगर पालिका परिषद या नगर पंचायत क्षेत्र में आने वाले कार्यों की स्वीकृति मिलते ही पोर्टल उस क्षेत्र की अधिकृत एजेंसी को कार्य सौंप देगा, जो आगे टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से निर्माण कार्य कराएगी।

दो किश्तों में होगा भुगतान, पोर्टल पर अपलोड करनी होगी प्रगति रिपोर्ट

विधायक निधि से स्वीकृत कार्यों के लिए दो किश्तों में भुगतान किया जाएगा – पहली किस्त कार्य प्रारंभ होने पर और दूसरी किश्त कार्य पूर्ण होने के बाद। इस दौरान निर्माण एजेंसी को कार्य की प्रगति रिपोर्ट भी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।

लॉगइन सिस्टम और डिजिटल अनुशंसा की सुविधा

पोर्टल पर विधायकों और निर्माण एजेंसियों को लॉगिन आईडी और पासवर्ड जारी किए गए हैं, जिससे वे अपनी अनुशंसाओं और कार्य प्रगति की निगरानी ऑनलाइन कर सकें। अब तक पोर्टल के माध्यम से अधिकांश कार्यों को स्वीकृति भी मिल चुकी है।

17 अप्रैल को हुआ था पोर्टल का शुभारंभ

17 अप्रैल 2025 को छत्तीसगढ़ शासन ने एमएलए लैड्स पोर्टल को लांच किया था। फिलहाल यह केवल रायपुर जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू है। यदि यह प्रयोग सफल होता है, तो सरकार इसे पूरे प्रदेश में लागू करने की योजना बना रही है।

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