भुवनेश्वर, 31 अगस्त: ओडिशा में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत एक बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान करोड़ों की संपत्तियां, लक्ज़री गाड़ियां और ज्वेलरी बरामद की गईं। यह कार्रवाई शंक्ति रंजन दास के घर और उनकी कंपनियों अनमोल माइन्स प्राइवेट लिमिटेड (AMPL) और अनमोल रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड (ARPL) के दफ्तरों पर हुई।
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बैंक फ्रॉड के सबसे चर्चित मामलों में से एक:
ईडी के मुताबिक, यह मामला इंडियन टेक्नोमैक कंपनी लिमिटेड (ITCOL) से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि 2009 से 2013 के बीच ITCOL और उसके डायरेक्टर्स ने बैंकों से 1396 करोड़ रुपये का लोन फर्जी तरीके से लिया। इस रकम को शेल कंपनियों के माध्यम से इधर-उधर किया गया ताकि वास्तविक इस्तेमाल छुपाया जा सके।
ईडी ने पहले ही 310 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की थी, जिसमें से 289 करोड़ अप्रैल 2025 में बैंकों को वापस कर दिए गए। जांच अब भी जारी है और एजेंसी को शक है कि घोटाले की परतें और गहरी हैं।
काले धन को वैध दिखाने की साजिश:
जांच में पता चला कि ITCOL ने अपनी शेल कंपनियों के जरिए 59.80 करोड़ रुपये AMPL को ट्रांसफर किए। आरोप है कि AMPL के एमडी शंक्ति रंजन दास ने ITCOL के प्रमोटर राकेश कुमार शर्मा की मदद से बैंक लोन की रकम को माइनिंग बिज़नेस में निवेश कर वैध दिखाने की कोशिश की।
बरामद लक्ज़री संपत्तियां:
ईडी ने तलाशी के दौरान कई महंगी चीजें बरामद कीं, जिनसे पता चलता है कि लोन की रकम का इस्तेमाल विलासिता भरी जिंदगी जीने में भी हुआ।
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10 लक्ज़री गाड़ियां और 3 सुपरबाइक (कुल कीमत 7 करोड़ रुपये से अधिक)
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Porsche Cayenne
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Mercedes Benz GLC
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BMW X7
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Audi A3
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Mini Cooper
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Honda Gold Wing बाइक सहित अन्य
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1.12 करोड़ रुपये की ज्वेलरी
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13 लाख रुपये नकद
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जमीन-जायदाद से जुड़े अहम दस्तावेज़
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2 लॉकर फ्रीज़ किए गए
ईडी अधिकारियों ने कहा कि बरामद गाड़ियां और ज्वेलरी इस बात का सबूत हैं कि लोन की रकम का इस्तेमाल नाजायज तरीकों से लक्ज़री लाइफ़स्टाइल में किया गया।
जांच में और बड़े खुलासों की संभावना:
ईडी ने स्पष्ट किया कि यह छापेमारी जांच का शुरुआती चरण है। बरामद दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की पड़ताल के बाद आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। एजेंसी अब ITCOL, AMPL और अन्य संबंधित कंपनियों के वित्तीय लेनदेन की गहन जांच कर रही है।











