WhatsApp : नई दिल्ली : अगर आप एंड्रॉइड स्मार्टफोन यूज करते हैं और हाल ही में Google की ओर से कोई सूचना या ईमेल प्राप्त हुआ है, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। टेक कंपनी Google ने पुष्टि की है कि 7 जुलाई से उसके AI टूल Gemini को कुछ लोकप्रिय ऐप्स के साथ और बेहतर एकीकृत किया गया है, जिनमें WhatsApp भी शामिल है।
Gemini अब न केवल ऐप्स के इंटरफेस को समझ सकता है, बल्कि WhatsApp चैट्स को पढ़ने, समझने और आपकी ओर से जवाब देने में भी सक्षम हो गया है।
Read More : FIDE Divya Deshmukh : 19 की उम्र में रचा इतिहास-दिव्या देशमुख बनीं महिला शतरंज की विश्व चैंपियन
क्या है Google Gemini का नया अपडेट
Google द्वारा भेजे गए ईमेल और वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, Gemini अब यूजर्स के फोन में मौजूद कॉल, मैसेज, व्हाट्सएप जैसी ऐप्स के साथ बेहतर संवाद स्थापित कर सकता है। इसका मतलब यह है कि अगर यूजर AI से कुछ पूछता है, तो वह WhatsApp चैट का उपयोग करके भी उत्तर तैयार कर सकता है।
आपकी चैट्स 72 घंटे तक सेव रह सकती हैं
Google ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर यूजर Gemini के जरिए कोई चैट आधारित प्रश्न करता है, तो वह डेटा 72 घंटे तक अस्थायी रूप से कंपनी के सर्वर पर स्टोर हो सकता है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि यह स्टोरेज केवल AI को बेहतर बनाने के लिए होता है और इसका गलत उपयोग नहीं किया जाता।
Read More : FIDE Divya Deshmukh : 19 की उम्र में रचा इतिहास-दिव्या देशमुख बनीं महिला शतरंज की विश्व चैंपियन
कैसे बंद करें Gemini की यह सेटिंग?
अगर आप नहीं चाहते कि Gemini आपकी WhatsApp या अन्य ऐप्स की जानकारी एक्सेस करे, तो इन चरणों का पालन करें:
-
अपने एंड्रॉइड फोन में Gemini ऐप खोलें
-
ऊपर दाईं ओर प्रोफाइल आइकन पर टैप करें
-
“Gemini Apps Activity” विकल्प चुनें
-
टॉगल बटन को बंद (Off) कर दें
क्या आपकी चैट्स लीक हो सकती हैं?
Google का कहना है कि चैट्स लीक नहीं की जातीं। यह डेटा न ही किसी तीसरे पक्ष को साझा किया जाता है और न ही स्थायी रूप से स्टोर किया जाता है। यह केवल AI अनुभव को सुधारने के लिए सीमित समय तक स्टोर किया जाता है।
सावधानी और जागरूकता जरूरी
डिजिटल युग में डेटा प्राइवेसी एक गंभीर मुद्दा बन चुका है। इस तरह के AI फीचर्स से जुड़ी सेटिंग्स की नियमित समीक्षा करना प्रत्येक यूजर की जिम्मेदारी है। अगर आप अपनी निजी जानकारी की सुरक्षा को लेकर सजग हैं, तो बेहतर होगा कि ऐसी सुविधाएं खुद मैनुअली कंट्रोल करें।











