निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : रेमंड ग्रुप के संस्थापक और पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का 87 वर्ष की उम्र में मुंबई में निधन हो गया। उनके बेटे और रेमंड ग्रुप के वर्तमान चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर गौतम सिंघानिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस खबर की पुष्टि की। उन्होंने अपने संदेश में पिता को दूरदर्शी नेता और समाजसेवी बताते हुए कहा कि उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
मुंबई में होगा अंतिम संस्कार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार विजयपत सिंघानिया को श्रद्धांजलि देने के लिए रविवार (29 मार्च) को दोपहर 1:30 बजे मुंबई के रुपारेल मार्ग स्थित हवेली में सभा आयोजित की जाएगी। इसके बाद दोपहर 3 बजे चंदनवाड़ी श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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उद्योग जगत के दिग्गज थे सिंघानिया
विजयपत सिंघानिया भारत के प्रमुख उद्योगपतियों में गिने जाते थे। उन्होंने रेमंड ग्रुप को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई और टेक्सटाइल इंडस्ट्री में इसे एक मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित किया। उनके नेतृत्व में कंपनी ने नई ऊंचाइयों को छुआ।
एविएशन और एडवेंचर के शौकीन
व्यवसाय के अलावा उन्हें एविएशन और एडवेंचर स्पोर्ट्स में गहरी रुचि थी। हॉट एयर बैलूनिंग के क्षेत्र में उन्होंने कई रिकॉर्ड बनाए और भारत का नाम वैश्विक स्तर पर रोशन किया। उनके इस योगदान के लिए उन्हें तेनजिंग नोर्गे एडवेंचर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
सम्मान और उपलब्धियां
विजयपत सिंघानिया को साल 1994 में भारतीय वायुसेना द्वारा ऑनरेरी एयर कमोडोर की उपाधि दी गई थी। इसके अलावा वर्ष 2006 में उन्हें देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा पद्मभूषण से सम्मानित किया गया। वे 2006-07 के दौरान मुंबई के शेरिफ भी रहे।
विरासत और पारिवारिक जानकारी
साल 2015 में उन्होंने रेमंड ग्रुप की 37 प्रतिशत हिस्सेदारी अपने बेटे गौतम सिंघानिया को सौंप दी थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वे अपने पीछे करीब 12,000 करोड़ रुपये की संपत्ति छोड़ गए हैं। उनका निधन उद्योग जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।











