निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती के साथ झांसी रेलवे स्टेशन पर एक असामान्य घटना सामने आई, जब उनकी ट्रेन छूट गई और बाद में चेन पुलिंग के जरिए उसे रोका गया। इस घटनाक्रम ने रेलवे प्रशासन में हड़कंप मचा दिया।
समय से पहले रवाना हुई ट्रेन
जानकारी के अनुसार, दिल्ली जाने वाली पंजाब मेल एक्सप्रेस झांसी के वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन पर निर्धारित समय से पहले पहुंची और जल्दी ही रवाना हो गई। इसी ट्रेन से उमा भारती को सफर करना था, लेकिन प्लेटफॉर्म तक पहुंचने में देरी के कारण वे ट्रेन में सवार नहीं हो सकीं।
1. आदरणीय रेल मंत्री जी,
मैंने पूर्व में मथुरा रेलवे स्टेशन की यात्रियों के प्रति संवेदनहीनता की बात लिखी है।
2. मेेरे साथ आज फिर झांसी रेलवे स्टेशन पर चढ़ते हुए एक घटना हो गई जिसमें कोई अपराधी नहीं है बल्कि स्टेशनों पर आधुनिक सुविधाओं के निर्माण में व्यावहारिक संवेदनशीलता का…— Uma Bharti (@umasribharti) April 12, 2026
चेन पुलिंग से रुकी ट्रेन
स्थिति की जानकारी मिलते ही किसी ने चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोका। इसके बाद उमा भारती को ट्रेन में चढ़ाया गया। इस दौरान ट्रेन करीब 5 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही, जिसके बाद वह अपने गंतव्य के लिए रवाना हुई।
प्लेटफॉर्म तक पहुंचने में आई बाधाएं
उमा भारती ने इस घटना के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि उन्हें बैटरी वाहन से प्लेटफॉर्म नंबर 1 से 4 तक ले जाया जा रहा था। इस दौरान ट्रैक पर एक ट्रेन गुजर रही थी, जिससे उन्हें रुकना पड़ा। आगे बढ़ने पर एक हाथ ठेला ट्रैक पर फंसा मिला, जिसे हटाने में समय लगा। इसी देरी के कारण वे ट्रेन तक समय पर नहीं पहुंच सकीं।
रेल मंत्री को लिखा पत्र
घटना के बाद उमा भारती ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर स्टेशन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह किसी व्यक्ति की गलती नहीं, बल्कि आधुनिक सुविधाओं के निर्माण में व्यावहारिक संवेदनशीलता की कमी का परिणाम है। उन्होंने मामले की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज की भी मांग की।
रेलवे व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
इस घटना ने रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं और प्रबंधन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर वीआईपी मूवमेंट के दौरान बेहतर समन्वय और समय प्रबंधन की जरूरत को उजागर किया है।











