Mahakal Bhasma Aarti : उज्जैन महाकाल मंदिर में दिव्य भस्म आरती! “हर-हर महादेव” से गूंजा परिसर

Rahul Goshwami
Mahakaleshwar Bhasma Aarti

उज्जैन : मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में  ब्रह्म मुहूर्त में भव्य भस्म आरती का आयोजन पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। सुबह करीब चार बजे जैसे ही गर्भगृह के पट खुले, पूरा मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “जय श्री महाकाल” के जयघोष से गूंज उठा।देश-विदेश से पहुंचे हजारों श्रद्धालु इस दिव्य क्षण के साक्षी बने और भक्ति में लीन नजर आए।

पंचामृत अभिषेक से हुई शुरुआत

भस्म आरती से पहले भगवान महाकाल का विधिवत पंचामृत अभिषेक किया गया। जल, दूध, दही, घी, शहद और शर्करा से अभिषेक करते हुए पुजारियों ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया।रुद्रपाठ, शंखध्वनि और मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

भस्म श्रृंगार बना आकर्षण का केंद्र

अभिषेक के बाद भगवान महाकाल का विशेष भस्म श्रृंगार किया गया, जो इस आरती की सबसे महत्वपूर्ण परंपरा मानी जाती है। सनातन धर्म में भस्म को जीवन की नश्वरता और वैराग्य का प्रतीक माना जाता है।यह परंपरा भक्तों को सांसारिक मोह-माया से दूर रहकर आध्यात्मिक जीवन की ओर प्रेरित करती है।

भक्ति में डूबे श्रद्धालु

पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में भजन, मंत्र-जप और साधना का अलौकिक माहौल बना रहा। श्रद्धालु शांत भाव से आरती के दर्शन करते हुए भगवान महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त करते नजर आए।मान्यता है कि महाकाल की भस्म आरती के दर्शन से मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है।

वैश्विक आस्था का प्रमुख केंद्र

महाकालेश्वर मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है और इसका धार्मिक महत्व विश्वभर में प्रसिद्ध है। यहां प्रतिदिन होने वाली भस्म आरती भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आस्था का जीवंत प्रतीक मानी जाती है।

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