ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में दहेज प्रताड़ना और हत्या के इस दर्दनाक मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। निक्की भाटी को जिंदा जलाए जाने के बाद पिता भिखारी सिंह का दर्द मीडिया के सामने छलक पड़ा। उन्होंने खुलासा किया कि नोटबंदी के दौरान भी उन्होंने अपनी हैसियत से बढ़कर बेटियों की शादी की थी—स्कॉर्पियो दी, बुलेट दी, लाखों रुपये कैश दिया। फिर भी ससुराल वालों की मांगें कभी खत्म नहीं हुईं।
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बेटियों की खुशियों के लिए सब किया
भिखारी सिंह ने बताया—
“हमने बेटियों को कभी तकलीफ नहीं दी। डीपीएस से पढ़ाया, हमेशा गाड़ी से भेजा। शादी में जो कर सकते थे, किया। लेकिन जिस घर में शादी की, वहां से सिर्फ जुल्म मिले।”
बड़ी बेटी कंचन ने कई बार उन्हें बताया कि निक्की के साथ मारपीट होती है। जब कंचन ने विरोध किया, तो उसे भी पीटा गया।
पंचायत के दबाव में लौटाया
कई बार हालात बिगड़ने पर बेटियों को मायके बुला लिया गया। लेकिन पंचायत बैठी और समाज के दबाव में बेटियों को वापस भेज दिया गया। भिखारी सिंह ने निक्की की सास पर गंभीर आरोप लगाए—
“वह निक्की के बाल खींचती और बेटे से पिटवाती थी। ऐसी मां मैंने पहली बार देखी।”
दोनों बेटियों की शादी एक ही घर में क्यों?
इस सवाल पर भिखारी सिंह बोले—
“उनके दो बेटे थे, हमारी दो बेटियां। हमने सोचा था कि दोनों बहनें साथ रहेंगी तो खुश रहेंगी। क्या पता था कि ऐसा होगा।”
दहेज की अंतहीन मांग
शादी के बाद मांगें लगातार बढ़ती गईं। पहले स्कॉर्पियो और बुलेट, फिर कभी मर्सिडीज, कभी लाखों रुपये कैश। यहां तक कि 36 लाख रुपये तक की मांग कर दी गई। बेटियां पार्लर चलाती थीं, तो वहीं से पैसों पर नजर रहती थी।
वह खौफनाक रात
21 मार्च की रात निक्की की जिंदगी का आखिरी दिन साबित हुई। गवाही के अनुसार, उस रात उसकी बेरहमी से पिटाई हुई। गला दबाया गया, वह बेहोश हो गई। फिर उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी गई। अस्पताल ले जाने की कोशिश हुई, लेकिन दिल्ली के सफदरजंग पहुंचने से पहले ही निक्की ने दम तोड़ दिया।
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पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद कासना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पति विपिन, सास दया, ससुर सतवीर और जेठ रोहित को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस इलेक्ट्रॉनिक सबूत, CCTV फुटेज और कॉल डिटेल्स के जरिए मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।













