Sanchar Saathi: स्मार्टफोन आज सिर्फ बातचीत का साधन नहीं है। इसमें बैंकिंग से लेकर निजी तस्वीरें, जरूरी दस्तावेज और कई अहम अकाउंट की जानकारी मौजूद रहती है। ऐसे में फोन गुम या चोरी होने पर सिर्फ नया हैंडसेट खरीद लेना पर्याप्त नहीं है। सबसे पहले पुलिस को इसकी सूचना देने के साथ डिवाइस को ब्लॉक कराना भी जरूरी है।
ऐसे मामलों में केंद्र सरकार का संचार साथी पोर्टल काफी काम आ सकता है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए खोए या चोरी हुए मोबाइल की शिकायत दर्ज कर उसे ब्लॉक कराने की सुविधा मिलती है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक लाखों मोबाइल फोन इस सिस्टम के जरिए ट्रेस और बरामद किए जा चुके हैं।
IMEI नंबर से ब्लॉक होगा मोबाइल
फोन चोरी या गुम होने के बाद संचार साथी पोर्टल पर जाकर संबंधित प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इसमें मोबाइल का IMEI नंबर महत्वपूर्ण होता है। शिकायत के बाद डिवाइस को टेलीकॉम नेटवर्क पर ब्लॉक किया जा सकता है, जिससे उसके गलत इस्तेमाल पर रोक लगाने में मदद मिलती है।
अगर ब्लॉक किया गया फोन दोबारा किसी नेटवर्क पर इस्तेमाल करने की कोशिश की जाती है, तो उसकी गतिविधि सिस्टम में सामने आ सकती है। इससे पुलिस और संबंधित एजेंसियों को फोन तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
60 लाख से ज्यादा फोन किए गए ब्लॉक
सरकार के आंकड़ों के अनुसार, संचार साथी के जरिए देशभर में 60.96 लाख खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन ब्लॉक किए जा चुके हैं। इनमें से 37.85 लाख से ज्यादा फोन ट्रेस किए गए, जबकि टेलीकॉम कंपनियों और राज्य पुलिस के सहयोग से 14 लाख से अधिक मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं।
यह आंकड़ा बताता है कि फोन चोरी होने के बाद शिकायत दर्ज कराना महज औपचारिकता नहीं है। सही समय पर जानकारी देने से डिवाइस को ट्रैक करने और वापस पाने की संभावना बढ़ सकती है।
सिर्फ मोबाइल ब्लॉक करने तक सीमित नहीं
संचार साथी पोर्टल का इस्तेमाल केवल खोए या चोरी हुए फोन के लिए नहीं किया जाता। यहां संदिग्ध कॉल, एसएमएस और व्हाट्सऐप संदेशों की शिकायत भी की जा सकती है।
फोन चोरी होते ही देर न करें
अगर मोबाइल खो गया है या चोरी हो गया है, तो पहले पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं और उसके बाद संचार साथी पोर्टल पर उपलब्ध सुविधा के जरिए डिवाइस को ब्लॉक कराने की प्रक्रिया पूरी करें।पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट sancharsaathi.gov.in है।






