निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : बांग्लादेश इस वक्त अपने राजनीतिक इतिहास के सबसे नाजुक दौर से गुजर रहा है। हिंसा, अस्थिरता और सत्ता परिवर्तन के बीच बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान की 17 वर्षों बाद देश वापसी ने सियासी हलचल तेज कर दी है। गुरुवार को लंदन से ढाका पहुंचे तारिक रहमान की एंट्री को फरवरी 2025 में प्रस्तावित आम चुनावों से पहले बेहद अहम माना जा रहा है।
भव्य स्वागत और शक्ति प्रदर्शन की तैयारी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तारिक रहमान अपनी पत्नी जुबैदा रहमान और बेटी जायमा रहमान के साथ बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की विशेष उड़ान से ढाका पहुंचे। एयरपोर्ट पर BNP के वरिष्ठ नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। पार्टी ने राजधानी ढाका में लाखों समर्थकों को जुटाकर अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने की तैयारी की है। एयरपोर्ट से वे सीधे एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे और बाद में बीमार मां व पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया से अस्पताल में मुलाकात करेंगे।
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फरवरी चुनाव और प्रधानमंत्री पद की दावेदारी
60 वर्षीय तारिक रहमान को आगामी चुनावों में प्रधानमंत्री पद का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। 2001 से 2006 के बीच BNP सरकार के दौरान वे सत्ता के केंद्र में रहे। शेख हसीना की विदाई और अवामी लीग के कमजोर पड़ने के बाद BNP एक बार फिर मुख्य राजनीतिक शक्ति बनकर उभरी है।
अंतरिम सरकार और कट्टरपंथी संगठनों की बेचैनी
तारिक रहमान की वापसी से मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार और जमात-ए-इस्लामी जैसे कट्टरपंथी संगठनों में चिंता बढ़ गई है। जमात, जो कभी BNP की सहयोगी रही, अब खुद को प्रमुख प्रतिद्वंद्वी के रूप में पेश कर रही है, जिससे बांग्लादेश की राजनीति त्रिकोणीय संघर्ष की ओर बढ़ती दिख रही है।
सुरक्षा व्यवस्था और आगे की चुनौतियां
रहमान की वापसी को देखते हुए ढाका में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। वे सबसे पहले मारे गए छात्र नेता उस्मान हादी की कब्र पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती देश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था और टूटे राजनीतिक तंत्र को फिर से स्थिर करना होगी।











