Rationalization orders : बिलासपुर। जिले में शिक्षा विभाग के युक्तियुक्तकरण आदेशों की अवहेलना करने वाले शिक्षकों के खिलाफ प्रशासन ने अब कड़ा रुख अपना लिया है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के कड़े निर्देशों के बाद विभाग ने पहले चरण में नौ शिक्षकों को औपचारिक आरोप पत्र (Charge Sheet) जारी कर दिया है। ये वे शिक्षक हैं जिन्होंने युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत नई पदस्थापना वाले स्कूलों में ज्वाइन नहीं किया और वर्षों से अपने पुराने स्कूलों में ही जमे हुए थे। शासन ने इसे सरकारी आदेशों की खुली अवहेलना मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की है।
विभागीय जांच में सामने आया है कि जिले के चार विकासखंडों में कुल 20 ऐसे शिक्षक हैं जो आदेश के बावजूद अपनी मूल शाला में नहीं लौटे। इनमें से बिल्हा और मस्तूरी विकासखंड के 9 शिक्षकों पर कार्रवाई हो चुकी है, जबकि कोटा और तखतपुर के शेष 11 शिक्षकों पर सोमवार तक एक्शन लेने की तैयारी है। गौरतलब है कि 11 दिसंबर को हुई समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री ने युक्तियुक्तकरण की धीमी प्रक्रिया पर कड़ी नाराजगी जताई थी। उन्होंने स्पष्ट किया था कि शिक्षकों की इस मनमानी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे के अनुसार, यदि इन शिक्षकों का पक्ष संतोषजनक नहीं पाया गया, तो इन्हें निलंबन या बर्खास्तगी जैसी सख्त सजा का सामना करना पड़ सकता है।











