support price purchase : बुरहानपुर। बुरहानपुर जिले के किसान एक बार फिर सरकारी अव्यवस्थाओं के चलते गहरे संकट में हैं। पहले केला किसानों की परेशानी सामने आई थी, और अब कपास किसान भी अपनी लाचारी और गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। जिले में समर्थन मूल्य पर कपास की खरीदी व्यवस्था ठप होने से किसान अपनी मेहनत की फसल को औने-पौने दाम पर बेचने या फिर बर्बाद करने को मजबूर हो रहे हैं।
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खंडवा तक ले जाने का खर्च, मूल्य से भी ज्यादा
बुरहानपुर के लोनी गांव के किसान सुनील महाजन का मामला इस समस्या की भयावहता को उजागर करता है। सुनील महाजन ने लगभग 2 एकड़ ज़मीन पर कपास की खेती की थी। लेकिन, जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदी बंद होने और भारतीय कपास निगम (CCI) द्वारा खरीदी केवल पड़ोसी जिले खंडवा में किए जाने से किसान अत्यधिक नाराज़ हैं। किसान महाजन का कहना है कि अपनी कपास की फसल को खंडवा तक ले जाने का भाड़ा और परिवहन खर्च, फसल के मिलने वाले मूल्य से भी कहीं ज्यादा बैठ रहा है।
अपनी इसी मजबूरी और व्यवस्था के खिलाफ विरोध जताते हुए, किसान सुनील महाजन ने अपनी खड़ी कपास की फसल को बाजार में बेचने के बजाय मवेशियों को खिलाना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में सुनील महाजन की पूरी कपास फसल खेत में ही मवेशियों का चारा बनती दिख रही है। किसान का दर्द साफ झलकता है कि जिस फसल को उन्होंने खून-पसीने से उगाया, उसे इस तरह बर्बाद करना उनके लिए किसी बड़ी मजबूरी से कम नहीं है।
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किसानों की मांग: बुरहानपुर में हो खरीदी केंद्र
किसान सुनील महाजन सहित जिले के तमाम कपास किसान एकजुट होकर मांग कर रहे हैं कि किसानों के हित को देखते हुए समर्थन मूल्य पर कपास खरीदी की व्यवस्था तत्काल बुरहानपुर जिले में ही शुरू की जाए। किसानों का कहना है कि खरीदी केंद्र जिले से बाहर होने के कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
अब देखना यह होगा कि किसानों के इस प्रदर्शन और भारी नुकसान के बाद जिला प्रशासन और कृषि विभाग कब जागता है और कपास किसानों को राहत देने के लिए बुरहानपुर में खरीदी केंद्र शुरू करता है।











