सिंगरौली। जनपद पंचायत देवसर अंतर्गत ग्राम पंचायत निगरी में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप तूल पकड़ते जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के विकास कार्यों में सरपंच और सचिव द्वारा जमकर धांधली की गई है। गौशाला, स्ट्रीट लाइट, सफाई व्यवस्था और तालाब गहरीकरण जैसी परियोजनाओं में करोड़ों रुपये के गबन का आरोप लगाते हुए ग्रामवासी उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।
गौशाला में स्ट्रीट लाइट का घोटाला
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गौशाला परिसर में स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य कागजों में पूरा दिखा दिया गया, जबकि वास्तविकता में एक भी लाइट नहीं लगी। मरम्मत और खरीदी के नाम पर दो लाख रुपये से अधिक की राशि का आहरण कर लिया गया। आरोप है कि फर्जी बिल और मस्टर रोल बनाकर राशि हड़प ली गई।
Read More : Ujjain : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवरात्रि पर 370 करोड़ की विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन किया
सफाई व्यवस्था ठप, फिर भी खर्च दिखा दिया गया
स्वच्छ भारत मिशन के तहत निगरी पंचायत में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है। सफाई कर्मचारियों की तैनाती और कार्यवाही केवल कागजों में दर्ज हैं, जबकि जमीन पर गंदगी का अंबार साफ देखा जा सकता है। इसके बावजूद सफाई मद में लाखों रुपये खर्च दिखाकर आहरण कर लिया गया।
तालाब गहरीकरण में भी गड़बड़ी
सर्वसामान्य शिवपाल तालाब के गहरीकरण और सफाई कार्य में भी गड़बड़ी की बात सामने आई है। जेपी कंपनी की मशीनों, आर.के. ट्रेडर्स की जेसीबी और ट्रैक्टर से कार्य कराए गए, जबकि मिट्टी को 250 रुपये प्रति ट्राली बेचने के बावजूद मजदूरी और कार्य खर्च के नाम पर फर्जी मस्टर रोल बनाकर लाखों रुपये शासन से निकाल लिए गए।
ग्रामीणों का गुस्सा और चेतावनी
सूत्रों का कहना है कि इन घोटालों की शिकायतें कई बार प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचाई गई, लेकिन अब तक कोई जांच नहीं हुई। ग्रामवासी चैन सिंह ठाकुर ने कहा, “गौशाला में न तो स्ट्रीट लाइट लगी, न मरम्मत हुई, फिर भी कागजों में लाखों रुपये खर्च दिखाए गए। सफाई और तालाब गहरीकरण में भी फर्जीवाड़ा हुआ।”
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।











