Singrauli News : सिंगरौली : सिंगरौली नगर पालिक निगम सिंगरौली की कार्यशैली को लेकर शहर में तीखी चर्चाएँ शुरू हो गई हैं। आरोप लग रहे हैं कि निगम की बुलडोज़र कार्रवाई सिर्फ गरीबों और साधारण परिवारों के घरों तक सीमित है, जबकि बड़े पूंजीपतियों द्वारा किए गए खुलेआम अवैध निर्माणों पर अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। इसी दोहरे रवैये ने पूरे शहर में आक्रोश पैदा कर दिया है।
Singrauli News : फुटपाथ से लेकर सड़क तक कब्ज़ा, फिर भी कार्रवाई नहीं सूत्रों का दावा है कि बजरंग हीरो एजेंसी संचालक द्वारा फुटपाथ से लेकर मुख्य सड़क तक अवैध कब्ज़ा कर पक्का ढांचा खड़ा कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि निगम द्वारा पूर्व में बनाए गए ब्रिगेड को भी तोड़कर मॉडिफाई कर दिया गया है, जो नियमों का खुला उल्लंघन है।
Singrauli News : यह निर्माण न केवल ट्रैफिक बाधित कर रहा है बल्कि पैदल राहगीरों को भी भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद निगम की ओर से किसी भी तरह की कार्रवाई न होना शहरवासियों को खटक रहा है।
Singrauli News : गरीबों पर सख्ती, अमीरों पर नरमी?
Singrauli News : चौक चौराहों पर चर्चा है कि जहां गरीब परिवारों के छोटे-छोटे आशियानों को अतिक्रमण बताकर तुरंत ढहा दिया जाता है, वहीं बड़े व्यापारियों के अवैध निर्माण को देखकर भी अधिकारी अनदेखा कर देते हैं।कुछ लोगों का आरोप है कि कई अधिकारी खुद को इन प्रतिष्ठित व्यापारियों का रिश्तेदार बताते हैं, जबकि कुछ पर निजी लाभ के लिए संरक्षण देने के आरोप लग रहे हैं। चर्चाएं तो यह यह भी है कि निगम की यह नीति न्याय के मूल सिद्धांतों के विपरीत है। जनता की मांग साफ है.
Singrauli News : यदि अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई हो, तो वह सभी के लिए समान रूप से हो, चाहे गरीब हो या पूंजीपति कानून सबके लिए एक जैसा लागू होना चाहिए, लेकिन निगम की कार्यवाही में साफ तौर पर पक्षपात देखने को मिल रहा है अब निगाहें नगर निगम सिंगरौली के जिम्मेदार अधिकारियों पर टिकी हैं। क्या वे इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कर समानता के साथ कार्रवाई करेंगे, या फिर पूंजीपतियों को संरक्षण मिलने का सिलसिला जारी रहेगा? शहर का भरोसा निगम की पारदर्शिता पर टिका है, देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में निगम अपनी छवि सुधारने के लिए क्या कदम उठाता है।













