Singrauli Mining Controversy : 1000 पेड़ों की बलि और आबादी पर खतरा: सिंगरौली में मानकों के विपरीत चल रही खदानें, अधिकारी बोले—’सब लीगल है’

VIKASH KHALKHO

Singrauli Mining Controversy : सिंगरौली: औद्योगिक नगरी सिंगरौली में खनिज माफियाओं की मनमानी ने अब लोकतंत्र की मर्यादा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह ने अक्टूबर 2024 में जिले के क्रेशर प्लांटों और गोचर भूमि पर अवैध खनन को लेकर प्रशासन को पत्र लिखा था, लेकिन प्रशासन की चुप्पी ने क्रेशर संचालकों को बेखौफ कर दिया है।

गोचर भूमि पर खनन: कलेक्टर के पुराने आदेश की भी अनदेखी

विधायक के पत्र के अनुसार, ग्राम करामी (तहसील माडा) की खसरा क्रमांक 122/3 (4.00 हेक्टेयर) भूमि चारागाह के लिए आरक्षित है।

  • अजीबोगरीब खेल: 2017 में कलेक्टर ने इस भूमि पर पत्थर उत्खनन पट्टे पर रोक लगाई थी। इसके बावजूद 2022 में यह पट्टा एक मनरेगा मजदूर के नाम पर जारी हुआ और बाद में सारिका अलावा के नाम ट्रांसफर हो गया।

  • अवैध उत्खनन: वर्तमान में इस भूमि पर आर.एस.आई. स्टोन वर्ल्ड प्रा. लि. द्वारा बेधड़क खनन किया जा रहा है, वह भी बिना ग्राम सभा की सहमति के।

1000 पेड़ और आबादी के जीवन पर संकट

विधायक ने स्पष्ट उल्लेख किया है कि खदान के चारों ओर पुश्तैनी आबादी है और 1000 से अधिक हरे-भरे पेड़ हैं। नियमों को ताक पर रखकर हो रही ब्लास्टिंग और गहरा खनन न केवल पर्यावरण को नष्ट कर रहा है, बल्कि ग्रामीणों और मवेशियों के लिए जानलेवा बन चुका है।

खनिज विभाग का ‘अजीब’ तर्क

एक ओर विधायक ने भ्रष्टाचार और नियमों के उल्लंघन की लंबी सूची सौंपी है, वहीं दूसरी ओर खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल का कहना है कि सभी क्रेशर संचालक लीगल हैं। अधिकारी का यह दावा विधायक के पत्र और जमीनी हकीकत (बिना फेंसिंग वाली खदानें और गहरा खनन) से मेल नहीं खाता।

सिंगरौली में खदानों की भयावह स्थिति:

  • गहराई: जिले की 50% खदानें कुएं से भी अधिक गहरी हो चुकी हैं।

  • सुरक्षा: नियमों के विपरीत, मुख्य सड़क से महज कुछ मीटर की दूरी पर खनन हो रहा है।

  • लापरवाही: न तार फेंसिंग है और न ही ‘स्टेप-बाय-स्टेप’ खनन का पालन।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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