Shajapur Kotwar Protest : गुलाना/शाजापुर। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले की गुलाना तहसील में गुरुवार को कोटवार संघ ने अपनी लंबित मांगों और वेतन में हुई विसंगति को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। तहसील क्षेत्र के समस्त कोटवारों ने एकजुट होकर तहसीलदार रितेश जोशी को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। कोटवारों का मुख्य आरोप है कि प्रदेश सरकार द्वारा घोषित वेतन वृद्धि का लाभ जिले की अन्य तहसीलों में तो मिल रहा है, लेकिन गुलाना तहसील के कोटवारों को इससे वंचित रखा गया है।
कोटवार संघ के पदाधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश शासन ने अक्टूबर 2025 में एक आदेश जारी किया था, जिसके तहत प्रदेश के समस्त कोटवारों के पारिश्रमिक में 500 रुपये प्रति माह की वृद्धि की जानी थी। नियम के अनुसार, अक्टूबर माह से ही बढ़ा हुआ वेतन मिलना शुरू होना था, लेकिन जब इस माह का वेतन कोटवारों के खातों में आया, तो वह बढ़ी हुई राशि के बजाय पुरानी दर या कहीं-कहीं उसका भी आधा प्राप्त हुआ।
तहसील संगठन मंत्री रामलाल कोटवार ने बताया कि शाजापुर जिले की अन्य तहसीलों में कोटवारों को शासन के नियमानुसार 500 रुपये की वृद्धि के साथ पारिश्रमिक मिल रहा है, परंतु गुलाना तहसील के कर्मचारियों के साथ यह भेदभाव समझ से परे है। उन्होंने कहा कि बढ़ी हुई राशि प्राप्त न होने से कोटवारों के परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है, जबकि वे शासन की योजनाओं और राजस्व कार्यों में पूरी निष्ठा से जुटे रहते हैं।
तहसीलदार रितेश जोशी ने कोटवारों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि वे इस मामले की जांच करवाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि तकनीकी कारणों या प्रशासनिक त्रुटि की वजह से वेतन में विसंगति हुई है, तो उसे शीघ्र ही उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाकर सुधारा जाएगा। कोटवारों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी बढ़ी हुई सैलरी और पिछला बकाया (Arrears) नहीं मिला, तो वे आंदोलन को और उग्र करने के लिए विवश होंगे।











