Sehore Medical Negligence : अंतिम संस्कार के बाद चिता की राख से निकला सच; पेट में कैंची छोड़ने से गई मां की जान, तीन मासूम अनाथ

VIKASH KHALKHO

Sehore Medical Negligence : सीहोर (भैरूंदा): सीहोर जिले के ग्राम सिंहपुर से एक ऐसी भयावह खबर सामने आई है, जो सरकारी अस्पतालों की संवेदनहीनता की चरम सीमा को दर्शाती है। यहाँ एक महिला की नसबंदी ऑपरेशन के बाद हुई मौत ने उस वक्त नया मोड़ ले लिया, जब अंतिम संस्कार के बाद परिजनों को अस्थियों के साथ राख में एक जली हुई सर्जिकल कैंची मिली। परिजनों का आरोप है कि भैरूंदा के सरकारी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने लापरवाही पूर्वक महिला के पेट में ही कैंची छोड़ दी थी, जिससे संक्रमण फैला और महिला ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।

मृतका के परिजनों का कहना है कि नसबंदी के दौरान न केवल पेट में कैंची छोड़ी गई, बल्कि लापरवाही से आंत की नस भी कट गई थी। इसके कारण पूरे शरीर में जहर (सेप्टीसीमिया) फैल गया। हालत बिगड़ने पर महिला को अन्य अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। इस घटना ने तीन मासूम बच्चों के सिर से मां का साया छीन लिया है, जिनमें सबसे छोटा बच्चा महज कुछ महीनों का है। श्मशान घाट से मिली इस कैंची की तस्वीर अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जो सिस्टम की पोल खोल रही है।

हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी लापरवाही के बाद स्वास्थ्य विभाग ने आरोपी महिला डॉक्टर को सजा देने के बजाय उसका तबादला भैरूंदा से इच्छावर अस्पताल कर दिया। विभाग के इस कदम ने आग में घी डालने का काम किया है। स्थानीय लोगों और परिजनों में भारी आक्रोश है। समाजसेवियों और महिला कांग्रेस ने इसे सीधे तौर पर ‘प्रशासनिक हत्या’ करार दिया है। परिजनों की मांग है कि आरोपी डॉक्टर का लाइसेंस तत्काल रद्द किया जाए, उस पर हत्या का मुकदमा दर्ज हो और पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।

फिलहाल, इस पूरे मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन राख से मिले इस ठोस साक्ष्य ने स्वास्थ्य विभाग के ‘ओटी (OT) प्रोटोकॉल’ पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि ऑपरेशन के बाद उपकरणों की गिनती क्यों नहीं की गई? एसडीएम और बीएमओ ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन ग्रामीण अब आर-पार की लड़ाई और न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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