दिवाली के पांच दिनों में वास्तु का रखें ध्यान
दिवाली सिर्फ दीप जलाने और घर सजाने का त्योहार नहीं, बल्कि परिवार के साथ खुशियां बांटने का भी मौका है। इस दौरान धनतेरस से लेकर भाई दूज तक हर दिन की अपनी अलग परंपरा होती है। लोग घर की सफाई करते हैं, पूजा की तैयारी करते हैं और दीपों से हर कोने को रोशन करते हैं। वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में भी इन पांच दिनों के दौरान साफ-सफाई, पूजा स्थल और घर की व्यवस्था पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है।
धनतेरस पर मुख्य द्वार और तिजोरी रखें साफ
धनतेरस से दीपावली के पांच दिवसीय पर्व की शुरुआत होती है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर की पूजा की जाती है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर का मुख्य द्वार साफ रखना और उसे फूलों या तोरण से सजाना शुभ माना जाता है। खरीदारी के बाद सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन या दूसरी चीजें साफ जगह पर रखें। धन रखने वाली अलमारी और तिजोरी को भी साफ व्यवस्थित कर लें।
छोटी दिवाली पर हटाएं घर का कबाड़
नरक चतुर्दशी यानी छोटी दिवाली पर घर के कोनों, खिड़कियों और दरवाजों के आसपास अच्छी तरह सफाई करें। वास्तु की मान्यताओं में उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को साफ और व्यवस्थित रखने पर जोर दिया जाता है। घर में बेकार सामान जमा न होने दें। शाम को मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएं और सुरक्षित जगहों पर दीपक जलाएं।
दिवाली पर इस दिशा में बनाएं पूजा स्थल
दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। पूजा शुरू करने से पहले मंदिर या पूजा स्थल को साफ करें और वहां जरूरी सामग्री व्यवस्थित रखें। वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा को पूजा के लिए अच्छा माना गया है। पूजा के बाद मुख्य द्वार, खिड़कियों और बालकनी में दीपक या लाइट लगाकर घर रोशन करें।
गोवर्धन पूजा पर रसोई और अन्न का रखें ध्यान
गोवर्धन पूजा के दिन कई घरों में अन्नकूट बनाकर भगवान कृष्ण को भोग लगाया जाता है। इस मौके पर रसोई की सफाई करें और अनाज व खाने-पीने की चीजों को सही तरीके से रखें। घर में तुलसी और दूसरे पौधे हैं, तो उनकी भी जरूरत के अनुसार देखभाल करें।
भाई दूज पर घर में बनाए रखें प्रेम और खुशहाली
भाई दूज पर बहनें भाइयों को तिलक लगाकर उनकी सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। इस दिन घर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखें। परिवार के लोग साथ बैठकर त्योहार मनाएं और आपसी रिश्तों में प्रेम व सम्मान बनाए रखें। धार्मिक और वास्तु मान्यताओं में सकारात्मक माहौल को भी घर की खुशहाली से जोड़ा जाता है।