राजनांदगांव: मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुरूचि सिंह ने मिशन जल रक्षा के अंतर्गत फसल चक्र परिवर्तन में किसानों की भागीदारी बढ़ाने के लिए जिले के अधिकारियों और किसानों के साथ बैठक की। बैठक में दलहन, तिलहन और मक्का फसलों के क्षेत्र विस्तार, कम जल मांग वाली फसलों का चयन और कृषि लागत कम करने पर चर्चा की गई।
सीईओ ने किसानों को जिले की भौगोलिक स्थिति, मृदा प्रकार और जल की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए फसल चयन की जानकारी दी। किसानों से क्षेत्रवार फसल चयन और अन्य कृषि सामग्री की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली गई। बैठक में कृषि विभाग ने किसानों और मक्का उत्पाद निर्माण करने वाली कंपनियों के बीच सीधा संवाद भी कराया।
मुख्य उपलब्धियाँ और पहल:
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किसानों ने मक्का की फसल के प्रति सहमति जताई।
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प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत रबी में चना, सरसों और मसूर की खरीदी समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित की गई।
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किसानों को सरसों बीज उपलब्ध कराने पर सहमति मिली।
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गौरमेड पॉपकॉर्निका कंपनी ने किसानों को मक्का बीज उपलब्ध कराकर 1700 रुपये प्रति क्विंटल में मक्का खरीदी और कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के एमओयू करने का प्रस्तुतीकरण किया।
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एबीस कंपनी ने मक्का खरीदी के लिए किसानों से सहमति ली।
बैठक में उपसंचालक कृषि, अनुभागीय अधिकारी, सहायक संचालक, एपीओ मनरेगा, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, निजी कंपनियों के प्रतिनिधि और राजगामी संपदा में खेती करने वाले किसान उपस्थित थे।
उद्देश्य और महत्व:
मिशन जल रक्षा के तहत जल संरक्षण और संवर्धन के लिए जिले में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को कम जल मांग वाली फसलों के प्रति जागरूक करना और फसल चक्र परिवर्तन में भागीदारी सुनिश्चित करना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। जिले में 5-6 गांवों का क्लस्टर बनाकर संगोष्ठियाँ आयोजित की जा रही हैं, ताकि किसानों को फसल चक्र परिवर्तन के लिए तैयार किया जा सके और बीज उपलब्धता तथा कंपनियों से समन्वय सुनिश्चित किया जा सके।











