Raipur Crime: रायपुर। रायपुर पुलिस को नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। वर्ष 2026 में अब तक NDPS एक्ट से जुड़े 128 मामलों में कोर्ट ने दोषसिद्धि दर्ज करते हुए 198 आरोपियों को सजा सुनाई है।
Raipur Crime: पुलिस का कहना है कि यह सफलता केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि मामलों की लगातार निगरानी और ट्रायल को तेज करने का भी परिणाम है। पुलिस, अभियोजन और न्यायालय के बेहतर समन्वय से कई लंबित मामलों का जल्द निपटारा हुआ।
Raipur Crime: 69 आरोपियों को 10 साल से अधिक की सजा
Raipur Crime: पुलिस के अनुसार इस वर्ष:
71 मामलों में 92 आरोपियों को 10 साल से कम सजा मिली।
23 मामलों में 37 आरोपियों को 10 साल की सजा सुनाई गई।
34 मामलों में 69 आरोपियों को 10 साल से अधिक की सजा मिली।
Raipur Crime: दूसरे राज्यों से पकड़े गए बेल जंपर
ट्रायल के दौरान पता चला कि कई आरोपी जमानत मिलने के बाद कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे। ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए विशेष अभियान चलाया गया।
पुलिस टीमों ने उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और मध्यप्रदेश में कार्रवाई कर फरार आरोपियों और बेल जंपरों को गिरफ्तार किया और उन्हें अदालत में पेश कराया।
Raipur Crime: गवाहों की समय पर पेशी से मिली मदद
Raipur Crime: मामलों के जल्द निपटारे के लिए पुलिस ने गवाहों की अलग सूची तैयार की। समन और वारंट समय पर तामील कराए गए तथा गवाहों से लगातार संपर्क बनाए रखा गया। इससे सुनवाई में देरी कम हुई।
कमिश्नरेट स्तर पर विशेष ट्रायल मॉनिटरिंग सिस्टम बनाया गया, जिसकी निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कर रहे थे। कोर्ट, अभियोजन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय के लिए एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया गया।
Raipur Crime: सजा दिलाने पर भी फोकस
Raipur Crime: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के खिलाफ कार्रवाई तभी प्रभावी मानी जाती है जब आरोपी को सजा भी मिले। इसी वजह से अब जांच के साथ-साथ मामलों की सुनवाई और ट्रायल पर भी विशेष नजर रखी जा रही है।
Raipur Crime: पुलिस का दावा है कि रायपुर का यह ट्रायल मॉनिटरिंग मॉडल लंबित मामलों को तेजी से निपटाने में मददगार साबित हुआ है और नशे के कारोबार से जुड़े लोगों को कड़ा संदेश दे रहा है।









