Raipur Central Jail Suicide Case : रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी स्थित सेंट्रल जेल एक बार फिर विवादों के घेरे में है। पॉक्सो एक्ट के तहत विचाराधीन बंदी सुनील महानंद ने रविवार शाम बैरक नंबर 5 में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और कैदियों की निगरानी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के विरोध में आज सोमवार को गाड़ा समाज के सैकड़ों लोग जेल के मुख्य गेट के सामने धरने पर बैठ गए हैं और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
प्रताड़ना और दुर्व्यवहार का आरोप मृतक सुनील की बहन और पत्नी ने जेल प्रशासन पर बेहद संवेदनशील आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि सुनील हर सप्ताह मुलाकात के दौरान जेल के भीतर मिल रही प्रताड़ना की शिकायत करता था। उसने बताया था कि जेल में उससे मारपीट की जाती है और उसके कपड़े व स्वेटर तक छीन लिए जाते हैं। परिजनों का दावा है कि इसी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से तंग आकर सुनील ने आत्मघाती कदम उठाया है।
सूचना में 6 घंटे की देरी और ‘गोपनीय’ कार्रवाई परिजनों का सबसे बड़ा आक्रोश घटना की जानकारी देने में हुई देरी को लेकर है। सुनील ने रविवार शाम करीब 6 बजे फांसी लगाई थी, लेकिन जेल प्रशासन ने परिजनों को इसकी सूचना रात 12 बजे दी। आरोप है कि इस बीच जेल प्रबंधन ने चोरी-छिपे शव को मर्चुरी भेज दिया। परिजनों का सवाल है कि यदि यह सामान्य आत्महत्या थी, तो 6 घंटे तक जानकारी क्यों छिपाई गई और शव को बिना उन्हें दिखाए अस्पताल क्यों भेजा गया?
जेल के गेट पर प्रदर्शन, सुरक्षा बढ़ाई गई आज सुबह से ही गाड़ा समाज के लोग जेल परिसर के बाहर जमा हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 12 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जेल प्रशासन ने किसी भी अधिकारी या कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं की है। समाज की मांग है कि मामले की न्यायिक जांच हो और दोषियों को बर्खास्त किया जाए। हंगामे की स्थिति को देखते हुए जेल परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
प्रशासनिक चुप्पी और सवाल सेंट्रल जेल जैसे उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में, जहां हर बैरक पर कड़ी नजर रखी जाती है, शाम 6 बजे एक कैदी का फांसी लगा लेना जेल मैनुअल के क्रियान्वयन पर सवाल उठाता है। फिलहाल जेल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन समाज और परिजनों के गुस्से को देखते हुए यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है।











