रायपुर (16 फरवरी 2026): छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट लागू होने के बाद अवैध नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए एक समर्पित फोर्स की लंबे समय से मांग की जा रही थी। इस दिशा में आज ठोस कदम उठाते हुए जिला एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) का आधिकारिक गठन कर दिया गया है। यह टीम जिले में नशे की रोकथाम, सप्लाई चेन को तोड़ने और नशे के कारोबारियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए जिम्मेदार होगी।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में काम करेगी टीम
इस विशेष टास्क फोर्स की कार्यप्रणाली को बेहद सख्त और परिणामोन्मुखी बनाने के लिए उच्च अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। DCP (क्राइम) स्मृतिक राजनाला की सीधी मॉनिटरिंग में यह टास्क फोर्स काम करेगी। वहीं, क्राइम और साइबर सेल के ACP अनुज कुमार को ANTF का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। टीम सीधे तौर पर नोडल अधिकारी को रिपोर्ट करेगी, जिससे कार्रवाई में तेजी और गोपनीयता बनी रहे।
10 सदस्यीय विशेष दस्ता तैयार
नशा नियंत्रण के लिए गठित इस फोर्स में कुल 10 अनुभवी पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है। टीम की संरचना इस प्रकार है:
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अधिकारी: 01 इंस्पेक्टर, 01 उप-निरीक्षक (SI) और 01 सहायक उप-निरीक्षक (ASI)।
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कार्मिक: 03 हवलदार और 05 आरक्षक। यह छोटी लेकिन सुगठित टीम खुफिया सूचनाओं (Intelligence) के आधार पर शहर के हॉटस्पॉट इलाकों में छापेमारी करेगी।
कमिश्नरेट का ‘जीरो टॉलरेंस’ लक्ष्य
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कमिश्नरेट प्रणाली के तहत रायपुर को नशा मुक्त बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। ANTF न केवल ड्रग्स और अन्य प्रतिबंधित पदार्थों की जब्ती करेगी, बल्कि उन ‘सफेदपोश’ चेहरों को भी बेनकाब करेगी जो इस अवैध धंधे को संरक्षण देते हैं। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन शंखनाद’ और गौवंश तस्करी के खिलाफ हो रही कार्रवाई के बीच इस टास्क फोर्स का गठन सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।











