Cattle Smuggling CG: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में गौवंशों के अवैध परिवहन, क्रूरता निवारण और तस्करी पर पूर्णतः प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला पुलिस द्वारा एक विशेष मुहिम चलाई जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री शशि मोहन सिंह के कुशल दिशा-निर्देशन में संचालित इस “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत धरमजयगढ़ थाना पुलिस ने एक बड़ी विधिक कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने क्रूरतापूर्वक बूचड़खाने (कत्लखाने) ले जाए जा रहे 07 जोड़ी यानी कुल 14 नग बैलों को तस्करों के चंगुल से सकुशल मुक्त कराने में सफलता पाई है। इस अवैध कारोबार में संलिप्त दो आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
मुखबिर की सटीक सूचना पर ग्राम भंडारीमुड़ा में घेराबंदी, चरखापारा की ओर हांक रहे थे मवेशी
थाना धरमजयगढ़ से प्राप्त विधिक जानकारी के अनुसार, 20 जून 2026 को पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति ग्राम भंडारीमुड़ा के जंगलों और रास्तों के रास्ते बड़ी बेरहमी से बैलों को हांकते-पीटते हुए बिक्री के उद्देश्य से बूचड़खाने की तरफ ले जा रहे हैं। त्वरित एक्शन लेते हुए थाना प्रभारी धरमजयगढ़ निरीक्षक राजेश जांगड़े ने सहायक उप निरीक्षक मंजु मिश्रा एवं हमराह स्टाफ की एक संयुक्त टीम गठित की और मौके पर पहुंचकर रणनीतिक घेराबंदी की। पुलिस टीम ने चरखापारा की ओर मवेशियों को क्रूरतापूर्वक ले जा रहे दो संदिग्धों को रोककर हिरासत में लिया।
वैध दस्तावेज पेश करने में रहे नाकाम, कड़े विधिक अधिनियमों के तहत मामला दर्ज
विधिक कार्रवाई और जब्ती: पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम सियाराम राठिया (50 वर्ष) और बलराम उरांव (45 वर्ष), दोनों निवासी धौराभांठा (चौकी रैरूमा, थाना धरमजयगढ़) बताया। मवेशियों की खरीदी-बिक्री, स्वामित्व या परिवहन के संबंध में जब पुलिस ने वैध विधिक दस्तावेज मांगे, तो दोनों कोई भी कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। धरमजयगढ़ कॉलोनी निवासी बिंकल विश्वास की लिखित शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 और पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत गैर-जमानती अपराध पंजीबद्ध किया। जप्त किए गए सभी 14 बैलों का सरकारी पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है।
पशुओं के प्रति क्रूरता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं: एसएसपी शशि मोहन सिंह
इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने समाज और अपराधियों को एक कड़ा संदेश जारी किया है। एसएसपी ने कहा कि “ऑपरेशन शंखनाद” का मुख्य उद्देश्य जिले के भीतर मूक पशुओं के विधिक अधिकारों की रक्षा करना और तस्करी के संगठित तंत्र को पूरी तरह से ध्वस्त करना है। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि गौवंशों की तस्करी और मवेशियों के प्रति किसी भी तरह की अमानवीय क्रूरता को छत्तीसगढ़ में कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे तत्वों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस भविष्य में भी रासुका और जिला बदर जैसी कठोर वैधानिक दंडात्मक कार्रवाई जारी रखेगी। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की गुप्त सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को दें।









