AC Blast Accident: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में गुरुवार तड़के सुबह एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा सामने आया है। यहाँ एक घर में लगे विंडो एसी (AC) में अचानक हुए जोरदार ब्लास्ट के बाद भीषण आग लग गई। इस भयानक आग की चपेट में आने से घर के भीतर सो रहे पिता और पुत्र बुरी तरह झुलस गए। हादसे में घायल पिता ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया, जबकि उनके युवा बेटे की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। यह पूरी हृदय विदारक घटना शहर के आईटीआई कॉलोनी क्षेत्र की बताई जा रही है।
आधी रात को हुआ धमाका, संभलने का भी नहीं मिला मौका
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा रात के करीब 3 बजे घटित हुआ। उस समय घर के सभी लोग गहरी नींद में सो रहे थे। अचानक कमरे में लगे विंडो एसी में एक जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरे कमरे को अपनी आगोश में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि घर के अंदर मौजूद पुरुषोत्तम पटेल और उनके बेटे राजवीर पटेल को बाहर निकलने या संभलने का न्यूनतम मौका भी नहीं मिल सका। स्थानीय मोहल्लेवासियों ने जब घर की खिड़की से घना धुआं और आग की ऊंची लपटें निकलती देखीं, तो वे तुरंत मदद के लिए मौके की ओर दौड़े।
मोहल्लेवासियों ने सूझबूझ से ताला तोड़ा और बाहर निकाला
चश्मदीदों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना के वक्त घर का मुख्य दरवाजा अंदर से पूरी तरह बंद था। इसी वजह से बाहर खड़े मोहल्लेवासियों ने बिना एक पल गंवाए लोहे का ताला तोड़ा और हिम्मत दिखाकर धुआं उगलते घर के अंदर प्रवेश किया। स्थानीय लोगों ने भारी मशक्कत के बाद गंभीर रूप से झुलस चुके पिता-पुत्र को घर से बाहर निकाला। हालांकि, तब तक पुरुषोत्तम पटेल का शरीर बहुत ज्यादा झुलस चुका था। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, उनके गंभीर रूप से घायल पुत्र राजवीर पटेल का अस्पताल में इलाज जारी है।
जन्मदिन की खुशियां कुछ ही घंटों में मातम में बदलीं
आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घर के अंदर रखा पूरा गृहस्थी का सामान जलकर पूरी तरह खाक हो गया है। इसके अलावा, परिसर में खड़ी एक मोटरसाइकिल और स्कूटी भी आग की तेज लपटों की चपेट में आकर लोहे के मलबे में तब्दील हो गईं। परिजनों और पड़ोसियों के मुताबिक, घायल राजवीर पटेल का हाल ही में 19वां जन्मदिन बहुत धूमधाम से मनाया गया था। घर में अभी भी उत्सव का माहौल था। हालांकि, किसी को नहीं पता था कि जन्मदिन की ये खुशियां कुछ ही घंटों के भीतर इस तरह मातम में बदल जाएंगी।
एंबुलेंस और स्थानीय पुलिस की देरी पर भड़के लोग
इस दुखद घटना के बाद स्थानीय मोहल्लेवासियों और परिजनों ने प्रशासन के खिलाफ अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। लोगों का सीधा आरोप है कि हादसे की तुरंत सूचना देने के बावजूद एंबुलेंस और स्थानीय पुलिस समय पर मौके पर नहीं पहुंची। इस प्रशासनिक लापरवाही के कारण ही राहत एवं बचाव कार्य समय पर शुरू नहीं हो सका और पुरुषोत्तम पटेल की जान चली गई। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों पर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल, पुलिस और तकनीकी विभाग की टीम आग लगने के वास्तविक कारणों की बारीकी से जांच कर रही है।







