Monday, August 17, 2026
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पुरी रथ यात्रा: रथ यात्रा के बाद रथों का क्या होता है?

पुरी, ओडिशा। हर साल आषाढ़ महीने की शुक्ल द्वितीया तिथि को भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के रथों के साथ पुरी में भव्य रथ यात्रा निकलती है। यह यात्रा सिर्फ धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक जटिलता का प्रतीक भी है।

इस साल रथ यात्रा 27 जून से शुरू होकर 5 जुलाई को समाप्त हुई। रथ निर्माण में 58 दिनों का समय लगता है और रथ 45 फीट ऊंचे होते हैं। लकड़ियां ओडिशा के जंगलों से लाकर अक्षय तृतीया से रथ बनाने की प्रक्रिया शुरू होती है।

जगन्नाथ रथ यात्रा के बाद तोड़े जाते हैं विशालकाय रथ, हर एक पार्ट का होता है अलग इस्तेमाल... लगती है लाखों की बोली

रथ तोड़ने की परंपरा

रथ यात्रा समाप्त होने के बाद रथों को तोड़ने (विघटित) की परंपरा होती है। सबसे पहले देवी सुभद्रा के देवदलन रथ को तोड़ा जाता है, उसके बाद श्रीबलभद्र और महाप्रभु श्रीजगन्नाथ के रथ। रथ तोड़ने की प्रक्रिया लगभग 12 से 15 दिन तक चलती है। इस दौरान कलश, पारा भाड़ी, द्वारबेडा जैसे कई हिस्से उतार दिए जाते हैं।

Rath Yatraलकड़ियों का उपयोग

रथ के प्रमुख हिस्सों जैसे सिंहासन, प्रभा, नाटगोड़, गूज और चक्र को रथ गोदाम में सुरक्षित रखा जाता है। कुछ हिस्सों की नीलामी भक्तों के लिए होती है। रथ तोड़ने के बाद बची लकड़ी को कोठ भोग रसोई में जलावन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, जिससे लगभग 6-7 महीने तक भोजन तैयार किया जा सकता है।

Rath Yatra Puriपहियों की नीलामी

रथ का सबसे कीमती हिस्सा पहिया होता है। इसकी नीलामी की जाती है, जिसकी शुरुआती बोली 50 हजार रुपए से शुरू होकर लाखों तक पहुंचती है। ऐसा माना जाता है कि रथ के पहिया को घर में रखने से सुख-शांति और समृद्धि आती है।

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VIKASH KHALKHO
विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।

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