निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से संवाद करते हुए बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े तनाव को कम करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। उन्होंने कहा कि परीक्षा जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं, बल्कि सीखने और आत्मविश्वास बढ़ाने का एक अवसर है। सकारात्मक सोच, नियमित दिनचर्या और संतुलित तैयारी से छात्र बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
तनाव से निपटने के लिए दिए खास मंत्र
पीएम मोदी ने छात्रों को सलाह दी कि वे तुलना से बचें, अपनी क्षमता पर भरोसा रखें और पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि आनंद के रूप में लें। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से भी अपील की कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और सहयोगी माहौल तैयार करें।
छात्रों के टिफिन से चखा पारंपरिक स्वाद
कार्यक्रम के दौरान माहौल हल्का-फुल्का भी रहा। कई छात्र अपने घरों से पारंपरिक पकवान लेकर पहुंचे, जिन्हें प्रधानमंत्री ने खुशी-खुशी चखा। इनमें छत्तीसगढ़ का प्रसिद्ध स्नैक ठेठरी-खुरमी भी शामिल था। एक छात्र ने टिफिन में यह नमकीन प्रधानमंत्री को पेश किया, जिसे उन्होंने पसंद करते हुए उसकी रेसिपी भी पूछी।
रेसिपी जानकर खुश हुए प्रधानमंत्री
छात्र ने बताया कि ठेठरी बेसन को गोल आकार देकर तेल में तलकर बनाई जाती है और यह खासतौर पर त्योहारों, विशेषकर दीपावली पर तैयार की जाती है। प्रधानमंत्री ने बच्चों के स्नेह और पारंपरिक स्वाद की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे छोटे-छोटे पल ही यादगार बन जाते हैं।
‘परीक्षा पे चर्चा’ के इस संवाद ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि परीक्षा के साथ-साथ मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास और सकारात्मक वातावरण भी उतना ही जरूरी है।













