नई दिल्ली। Nishaanebaz.com-NPS Rules Update: देश में सेवानिवृत्ति योजना (Retirement Planning) को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। 28 अगस्त 2026 को जारी दो महत्वपूर्ण सर्कुलर के तहत पीएफआरडीए ने एनपीएस की योजनाओं को म्यूचुअल फंड की तर्ज पर मानकीकृत (Standardise) करने का निर्णय लिया है। इस कदम से सब्सक्राइबर्स के लिए अपनी जोखिम लेने की क्षमता (Risk Tolerance) के आधार पर सही पेंशन फंड और स्कीम चुनना पहले से काफी आसान हो जाएगा।
नियामक ने सभी पेंशन फंड हाउस को 30 दिनों के भीतर अपनी मौजूदा ‘मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क’ (MSF) का पुनर्गठन करने और योजनाओं के नाम बदलने के सख्त निर्देश दिए हैं। नए नियमों के तहत अब इक्विटी एक्सपोजर के आधार पर एनपीएस स्कीमों को 5 मुख्य श्रेणियों (LifeCycle-based, Active Choice, NPS Sanchay, MSF categories A-E, और 4A Schemes जैसे वात्सल्य व MSME) में वर्गीकृत किया जाएगा। सितंबर 2026 के अंत तक सब्सक्राइबर्स को अपने सीआरए (Protean/NSDL, KFintech, CAMS) पोर्टल या एनपीएस ऐप पर नए नाम और कैटेगरी दिखाई देने लगेंगे।
इस सुधार का मुख्य उद्देश्य निवेशकों को उनके पैसों पर मिलने वाले रिटर्न और उससे जुड़े बाजार जोखिम (Market Risk) की सटीक जानकारी देना है। पीएफआरडीए के नए वर्गीकरण से अलग-अलग पेंशन फंड मैनेजरों (PFMs) की योजनाओं के प्रदर्शन की सीधी तुलना की जा सकेगी। इसके अलावा, जिन योजनाओं में पहले मल्टी-कैप या मिक्स्ड एसेट का ढांचा था, उन्हें भी तोड़कर A से E तक की निर्धारित इक्विटी एक्सपोजर श्रेणियों में ढाल दिया जाएगा।
सर्कुलर के अनुसार, कोई भी पेंशन फंड मैनेजर प्रत्येक टियर (Tier 1 और Tier 2) में एक ही कैटेगरी के तहत अधिकतम दो स्कीमें ही चला सकता है। यदि किसी फंड हाउस के पास एक ही श्रेणी में दो से अधिक स्कीमें संचालित हैं, तो उन्हें अगले 45 दिनों के भीतर अतिरिक्त योजनाओं को आपस में मर्ज या पुनर्गठित करना होगा। हालांकि, मर्जर प्रक्रिया के दौरान सब्सक्राइबर्स के मूल निवेश पैटर्न और इक्विटी-डेट आवंटन में बदलाव हो सकता है, जिसकी अग्रिम सूचना फंड हाउस द्वारा खाताधारकों को दी जाएगी।





