Noise Pollution Rules Rewa 2026 : रीवा (10 फरवरी 2026): राजधानी और प्रदेश के अन्य हिस्सों की तरह रीवा शहर में भी इन दिनों ध्वनि प्रदूषण एक गंभीर समस्या का रूप ले चुका है। शादी-विवाह और विभिन्न आयोजनों में देर रात तक बजने वाले तेज़ डीजे और लाउडस्पीकर ने विद्यार्थियों की नाक में दम कर रखा है। विशेषकर माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने के कारण छात्रों और उनके अभिभावकों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
एकाग्रता भंग और मानसिक तनाव
अभिभावकों का कहना है कि रात के समय जब बच्चे शांत वातावरण में पढ़ाई करना चाहते हैं, तब तेज़ संगीत का शोर उनकी एकाग्रता को पूरी तरह भंग कर देता है। शोर के कारण बच्चे न तो ठीक से सो पा रहे हैं और न ही पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर पा रहे हैं, जिससे उनमें मानसिक तनाव बढ़ रहा है। परीक्षाओं के इस महत्वपूर्ण समय में शांत वातावरण न मिलना छात्रों के रिजल्ट पर बुरा असर डाल सकता है।
प्रतिबंध के बावजूद उड़ रही नियमों की धज्जियाँ
नियमों के मुताबिक, रात 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग प्रतिबंधित है, लेकिन रीवा के रिहायशी इलाकों में देर रात तक तेज़ आवाज़ में साउंड सिस्टम बज रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनज़र अभी तक प्रशासन ने कोई ठोस और सख़्त कदम नहीं उठाए हैं, जिससे डीजे संचालकों के हौसले बुलंद हैं।
नागरिकों ने प्रशासन से की गुहार
शहरवासियों ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। नागरिकों की मांग है कि:
-
परीक्षा अवधि के दौरान डीजे और लाउडस्पीकर के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध की निगरानी की जाए।
-
रात 10 बजे के बाद बजने वाले डीजे को ज़ब्त कर संचालकों पर भारी जुर्माना लगाया जाए।
-
पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए ताकि शोर की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई हो सके।
पुलिस का पक्ष
इस संबंध में नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) राजीव पाठक ने स्पष्ट किया है कि पुलिस ध्वनि प्रदूषण को लेकर गंभीर है। उन्होंने बताया कि सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें। परीक्षाओं के दौरान छात्रों की सुविधा को प्राथमिकता दी जाएगी और शिकायत मिलने पर तत्काल प्रभाव से साउंड सिस्टम बंद कराए जाएंगे।











