Badrinath Temple Controversy: देहरादून/बदरीनाथ: देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में इन दिनों चढ़ावे और वित्तीय प्रबंधन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर में चढ़ावे (Ram Mandir Donation Row) को लेकर मचे बवाल के बीच, अब उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध और चारधामों में अग्रणी तीर्थस्थल बदरीनाथ धाम से भी चंदा चोरी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। धार्मिक संगठन ‘भैरव सेना’ ने श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के निजी सचिव (PA) और कुछ अन्य कर्मचारियों पर सीधे तौर पर चढ़ावे की राशि में हेरफेर करने का गंभीर आरोप लगाया है।
राम मंदिर में SIT जांच तेज, बदरीनाथ में सीसीटीवी ने बढ़ाई मुश्किलें
एक तरफ जहाँ अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी विशेष जांच टीम (SIT) को सरकार की तरफ से जांच पूरी करने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है, वहीं दूसरी तरफ बदरीनाथ धाम का मामला भी गरमा गया है। भैरव सेना का दावा है कि एक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज में मंदिर समिति अध्यक्ष के निजी सहायक और कुछ कर्मचारी संदेहास्पद तरीके से पैसा गिनते हुए दिखाई दे रहे हैं। देहरादून स्थित इस संगठन की शिकायत और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने तुरंत उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
#WATCH | Shri Badarinath Kedarnath Temple Committee (BKTC) Chairman Hemant Dwivedi says, “Regarding the news and allegations circulating on social media concerning the alleged misappropriation of donations and offerings at the Shri Badrinath-Kedarnath Temple Dham, I wish to state… pic.twitter.com/NEH5IgW00c
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) July 3, 2026
करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का विषय, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई: हेमंत द्विवेदी
इस पूरे विवाद पर मंदिर समिति की ओर से त्वरित प्रतिक्रिया आई है। बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा, “समिति ने इन आरोपों को बेहद गंभीरता से लिया है। यह विषय देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और विश्वास से जुड़ा हुआ है। इसलिए, आरोपों की पूरी तरह से दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए एक निष्पक्ष जांच समिति गठित करने के निर्देश दे दिए गए हैं।” उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि जांच में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोरतम दंडात्मक व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुराने विवादों की आग में घी का काम कर रहा नया मामला
बदरीनाथ धाम में यह नया वित्तीय विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब मंदिर समिति पहले से ही कई तरह के आरोपों से घिरी हुई है। इससे पहले गर्भगृह की दीवारों पर चढ़ाई गई सोने की प्लेटों का रंग उतरने (Gold Plating Issue), एक रसूखदार पदाधिकारी द्वारा नियमों को ताक पर रखकर अपनी ही पत्नी को मंदिर का कर्मचारी बनाने और मंदिर परिसर में दान के लिए निजी क्यूआर (QR) कोड लगवाने जैसे कई संगीन विवाद पहले ही सुर्खियां बटोर चुके हैं। ऐसे में चढ़ावा चोरी के इस नए आरोप ने आग में घी डालने का काम किया है। हालांकि बीकेटीसी के पदाधिकारियों का कहना है कि संगठन द्वारा अभी कोई ठोस विधिक साक्ष्य पेश नहीं किया गया है, लेकिन पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।







